30 August: इस सप्ताह पाञ्चजन्य के नए अंक का Cover Story है ‘मारेंगे मैदान!’, जिसमें भारत की हजारों साल पुरानी खेल परंपरा से लेकर आधुनिक Sports Science और Olympic तैयारी तक की पूरी यात्रा को समझने की कोशिश की गई है। भारत में मल्लयुद्ध, धनुर्विद्या, रथ-दौड़, घुड़सवारी, मल्लखंभ, कुश्ती और योग जैसी परंपराओं ने शरीर, मन और चरित्र निर्माण को महत्व दिया। आज यही विरासत आधुनिक खेल विज्ञान, Khelo India, TOPS, महिला खेल लीग और Para Sports के साथ एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। इस अंक में जानिए-भारत की नई Sports Culture कैसे तैयार हो रही है, गांवों से प्रतिभाओं की पहचान की चुनौती क्या है, Sports Science क्यों जरूरी है, महिलाओं और Para Athletes ने खेलों की तस्वीर कैसे बदली और खेलों को रोजगार से जोड़ना क्यों महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही संपादक हितेश शंकर की ‘अपनी बात’ में Gen-Z और Gen-Alpha के साथ संवाद की भारतीय परंपरा पर महत्वपूर्ण चर्चा है-‘युवाओं को अपने से अलग किसी वर्ग में मानना भारतीय दृष्टि नहीं।’ अंक में RSS की अखिल भारतीय समन्वय बैठक, युवाओं के साथ संवाद, पाञ्चजन्य सुशासन संवाद जयपुर, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मुकुल कानिटकर, आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण, अवध ओझा सहित कई महत्वपूर्ण संवाद और विचार भी शामिल हैं।
देखिए Panchjanya This Week | 30 August और जानिए इस सप्ताह के पाञ्चजन्य अंक में क्या है खास।

















