महाराष्ट्र के लातूर जिले के औसा शहर से एक मामला सामने आया है, जिसने स्कूल की सुरक्षा और छात्रों की पढ़ाई से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां जिला परिषद के उर्दू स्कूल में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने और छात्रों की पढ़ाई में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इस मामले में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रमुख अभिजीत दिपके, पार्टी कार्यकर्ता अजिंक्य शिंदे और कुछ अज्ञात लोगों के नाम सामने आए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 20 अगस्त की बताई जा रही है। शिकायत के मुताबिक, उस दिन दोपहर करीब 1:15 बजे अभिजीत दिपके अपने कुछ साथियों के साथ औसा शहर के जिला परिषद उर्दू स्कूल पहुंचे। आरोप है कि स्कूल में प्रवेश करने से पहले उन्होंने किसी तरह की अनुमति नहीं ली थी। शिकायत में कहा गया है कि स्कूल में पहुंचने के बाद दिपके और उनके साथी छात्रों के बीच जाकर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने छात्रों से कई सवाल पूछे। आरोप है कि इस पूरी गतिविधि के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई और स्कूल के रोजमर्रा के कामकाज में भी परेशानी आई। इस घटना के बाद स्कूल की एक महिला शिक्षिका ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद औसा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अभिजीत दिपके, अजिंक्य शिंदे और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धाराओं 132, 329(3), 351(2), 356(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत दर्ज केस के आधार पर पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है।
BNS की धारा 329(1)
BNS की धारा 329(1) के तहत आपराधिक अतिचार का मतलब है किसी दूसरे की जगह में बिना अनुमति या गलत इरादे से प्रवेश करना। इसमें किसी को डराना, परेशान करना, अपमानित करना या कोई अपराध करने का इरादा भी शामिल हो सकता है। इस मामले में शिकायत के अनुसार, अभिजीत दिपके और उनके साथी स्कूल में पहुंचे और छात्रों के बीच बैठकर उनसे सवाल किए। आरोप है कि उनके इस तरह स्कूल में आने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई और स्कूल के सामान्य कामकाज में भी रुकावट आई

















