ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने युद्ध खत्म करने की बात कही है। शुक्रवार को डॉक्टरों के साथ हुई एक बैठक में उन्होंने कहा कि अब इस युद्ध को समाप्त करने का समय आ गया है। उनका कहना था कि मौजूदा हालात में ईरान मजबूत स्थिति में है और दुनिया के कई देश उसके पक्ष को समझ रहे हैं।
ईरान ने अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप
पेज़ेशकियन ने कहा कि युद्ध को अभी खत्म करना ईरान के लिए बेहतर होगा, क्योंकि देश अपनी ताकत और सम्मान की स्थिति में है। उन्होंने अमेरिका पर गंभीर आरोप भी लगाए। उनके मुताबिक, अमेरिकी हमलों में ईरान के स्कूलों, अस्पतालों और जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की कार्रवाई की दुनिया भर में आलोचना हो रही है। ईरानी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका लगातार ईरान पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की नई पाबंदियों को लेकर कड़ा विरोध जताया है। मंत्रालय ने अमेरिका पर आर्थिक आतंकवाद और मानवता के खिलाफ अपराध करने का आरोप लगाया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान ने कहा कि इन प्रतिबंधों को लागू करने और उन्हें बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं, अमेरिका भी अपने रुख में नरमी दिखाने के मूड में नजर नहीं आ रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा कि वॉशिंगटन ईरानी शासन पर दबाव बनाए रखेगा। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका आर्थिक और दूसरे तरीकों से ईरान को कमजोर करने की अपनी रणनीति जारी रखेगा। इस पूरे मामले में चीन ने भी अमेरिका के कदम की आलोचना की है। चीन का कहना है कि सिर्फ प्रतिबंध लगाने और दबाव बढ़ाने से मिडिल ईस्ट की समस्या का समाधान नहीं होगा। चीन ने सभी संबंधित देशों से जिम्मेदारी के साथ कदम उठाने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि राजनीतिक और कूटनीतिक रास्ते से ही समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने सभी पक्षों से तनाव कम करने और बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की।
















