रुद्रपुर । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तराखंड के रुद्रपुर में आयोजित पंजाबी गौरव सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने गुरु नानक देव जी, गुरु गोविंद सिंह जी और चार साहिबजादों के त्याग एवं बलिदान को नमन करते हुए देश को विकसित बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
नितिन नवीन ने अपने संबोधन में 1984 के सिख नरसंहार, करतारपुर साहिब कॉरिडोर, वीर बाल दिवस, नागरिकता संशोधन कानून और हेमकुंड साहिब रोप-वे परियोजना का उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं से नशामुक्त युवा संकल्प अभियान से जुड़ने की अपील की और पंजाब तथा उत्तराखंड के विकास को विकसित भारत के निर्माण से जोड़ने का संकल्प दोहराया।
पटना साहिब की धरती से आया हूं: नितिन नवीन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि वह पटना साहिब की धरती से आए हैं और पटना उनका घर एवं कर्मभूमि है। उन्होंने कहा कि उस पवित्र स्थान से वह सभी का प्रणाम और अभिनंदन करते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक सिख समाज के व्यक्ति के मन में पटना साहिब का विशेष महत्व है। गुरु गोविंद सिंह जी की यह पवित्र भूमि सभी को ऊर्जा, ताकत और दिशा देती है कि देश और अपनी मिट्टी के लिए कुछ कर गुजरें।
नितिन नवीन ने गुरु नानक देव जी की नानकमत्ता साहिब की पावन धरती को नमन करते हुए काशीपुर, बाजपुर, सितारगंज, खटीमा, गदरपुर और जसपुर सहित पूरी तराई से आए पंजाबी और सिख समाज के लोगों का अभिनंदन किया।
उन्होंने गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोविंद सिंह जी और चार साहिबजादों के त्याग एवं बलिदान को नमन किया और कहा कि सभी को मिलकर देश और भारत को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए।
नानकमत्ता साहिब की धरती को बताया ऐतिहासिक
नितिन नवीन ने कहा कि नानकमत्ता साहिब की धरती कोई सामान्य भूमि नहीं है। लगभग 500 वर्ष पूर्व तीसरी उदासी के समय गुरु नानक देव जी स्वयं यहां पधारे थे और सत्य का दीपक जलाया था।
उन्होंने गुरु के चरण पड़ने से बदली इस पवित्र भूमि और 500 वर्ष पुराने उस वृक्ष को भी नमन किया, जो गुरु हरगोविंद सिंह साहिब जी के समय की गवाही दे रहा है।
भाजपा अध्यक्ष ने उत्तराखंड की पावन धरा पर स्थित हेमकुंड साहिब, नानकमत्ता साहिब और रीठा साहिब तीनों पवित्र धामों को भी शीश झुकाकर नमन किया।
विभाजन के बाद तराई में बसे परिवारों के योगदान को किया याद
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि 1947 के विभाजन की पीड़ा के समय तराई का एक-एक परिवार अपने पुरखों की निशानियों को छोड़कर यहां आकर बसा। आज यही ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड का अन्न भंडार कहलाता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1960 में पंतनगर में पहला कृषि विश्वविद्यालय स्थापित हुआ, जहां हरित क्रांति की नींव पड़ी। नितिन नवीन ने शहीद ऊधम सिंह जी के नाम पर बने जिले और तराई के निर्माण में सिख समाज के योगदान को नमन किया।
1984 के सिख नरसंहार का किया उल्लेख
नितिन नवीन ने 1984 के सिख नरसंहार का उल्लेख करते हुए कहा कि उस पीड़ा के समय श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कहा था, “कलेजे में कटार गड़ गई, दूध में दरार पड़ गई।”
उन्होंने कहा कि तीन दशकों तक दोषियों को सजा नहीं मिली, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2015 में एसआईटी का गठन किया गया। उन्होंने कहा कि 1984 में निर्दोष सिख भाइयों के खिलाफ किए गए अमानवीय पाप को देश कभी नहीं भूलेगा।
करतारपुर साहिब कॉरिडोर को बताया ऐतिहासिक निर्णय
नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए निर्णयों में करतारपुर साहिब कॉरिडोर का भी ऐतिहासिक निर्णय शामिल है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के 18 वर्ष करतारपुर साहिब में बिताए थे।
उन्होंने कहा कि 72 वर्षों तक श्रद्धालु जिसे दूरबीन से देखते थे, उस ऐतिहासिक गलती को सुधारते हुए 9 नवंबर 2019 को करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोला गया।
वीर बाल दिवस का किया जिक्र
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ घोषित किया। इससे 6 वर्ष के बाबा जोरावर सिंह और 9 वर्ष के बाबा फतेह सिंह के बलिदान को देशभर में उचित सम्मान मिला।
अफगानिस्तान संकट और नागरिकता संशोधन कानून का उल्लेख
नितिन नवीन ने कहा कि जब अफगानिस्तान में सिख समाज पर संकट आया, तब केंद्र सरकार अपने लोगों के साथ खड़ी रही।
उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से प्रताड़ित होकर आए हिंदू-सिख भाइयों को शरणार्थी नहीं, बल्कि संतान मानकर गले लगाया गया।
हेमकुंड साहिब रोप-वे परियोजना का जिक्र
नितिन नवीन ने कहा कि हेमकुंड साहिब की कठिन यात्रा को आसान बनाने के लिए सरकार ने 2700 करोड़ रुपये की लागत से रोप-वे परियोजना शुरू की है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से अब केवल 45 मिनट में दर्शन किए जा सकेंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने के प्रयासों की सराहना की।
नशामुक्त युवा संकल्प अभियान से जुड़ने की अपील
भाजपा अध्यक्ष ने पंजाब में युवाओं में फैल रही नशे की लत को सिख समाज के लिए बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देश से नक्सलवाद को समाप्त किया गया, उसी प्रकार केंद्र सरकार ने देश और पंजाब को नशामुक्त करने का संकल्प लिया है।
नितिन नवीन ने सभी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अगस्त को शुरू किए गए ‘विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा संकल्प अभियान’ से जुड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी इस अभियान को उत्तराखंड के युवाओं के बीच पूरी ताकत से चलाने का आग्रह किया।
2047 तक विकसित भारत बनाने का आह्वान
नितिन नवीन ने कहा कि देश की आजादी और सीमाओं की सुरक्षा के लिए सिख समाज द्वारा दी गई कुर्बानियों को नमन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पंजाब और सिख समाज को विकास के पटल पर जो सम्मान मिलना चाहिए था, वह अब मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सभी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत बनाने के सपने से जुड़ना चाहिए। उन्होंने पंजाब और उत्तराखंड के विकास को विकसित भारत के निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत के विकास में पंजाब और उत्तराखंड का विकास भी शामिल होगा।
नितिन नवीन ने गोविंद बल्लभ पंत जी की जयंती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्हें आज सुबह गोविंद बल्लभ पंत जी को श्रद्धासुमन अर्पित करने और प्रणाम करने का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री धामी ने पंजाबी समाज के योगदान को सराहा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि पंजाबी समाज की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति, संस्कार, साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं की महान परंपरा भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठ विरासत का महत्वपूर्ण आधार है। गुरु साहिबान का जीवन अन्याय के आगे न झुकने, जरूरतमंदों की सेवा करने, मानवता की रक्षा करने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख परंपरा वास्तव में “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की जीवंत मिसाल है।
तराई के विकास में पंजाबी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी समाज ने अपनी मेहनत, ईमानदारी और उद्यमशीलता के बल पर देश के निर्माण में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सीमा पर देश की रक्षा से लेकर खेतों में अन्न उत्पादन, उद्योग एवं व्यापार को गति देने तथा आपदा के समय सेवा कार्यों में पंजाबी और सिख समाज का योगदान अनुकरणीय रहा है।
उन्होंने कहा कि तराई क्षेत्र के विकास और यहां की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी पंजाबी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अपने परिश्रम और संकल्प से समाज ने इस क्षेत्र को नई पहचान देने में अहम योगदान दिया है।
सिख समाज की आस्था से जुड़े फैसलों का उल्लेख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सिख समाज की आस्था, बलिदान और गौरवशाली परंपराओं को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करने की दिशा में अनेक ऐतिहासिक कार्य किए हैं।
उन्होंने करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण, लंगर को सभी प्रकार के करों से मुक्त करना, श्री हरमंदिर साहिब को विदेशी अंशदान की स्वीकृति प्रदान करना तथा श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की 350वीं जयंती के भव्य आयोजन का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहिबजादों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए वीर बाल दिवस घोषित किया गया। अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूपों को सुरक्षित भारत लाने का कार्य भी किया गया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवारों को न्याय और सम्मान दिलाने की दिशा में भी ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।
हेमकुंड साहिब रोप-वे से यात्रा होगी सुगम
मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखंड के साथ सिख समाज के भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी और गुरु गोबिंद सिंह जी के पवित्र चरण इस देवभूमि पर पड़े हैं।
उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब और रीठा साहिब जैसी पवित्र धरोहरें उत्तराखंड की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक लगभग 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे के निर्माण की दिशा में कार्य आगे बढ़ चुका है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं के लिए हेमकुंड साहिब की यात्रा अधिक सुगम होगी।
विभाजन विभीषिका स्मृति स्थल का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण और सर्वस्व गंवाने वाले लोगों की स्मृति को सम्मान देने के लिए ‘विभाजन विभीषिका स्मृति स्थल’ के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था और सामाजिक समरसता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राज्य में धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को सख्त बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मदरसा बोर्ड को समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है। राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में सभी समुदायों की संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली विरासत को सम्मान देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
युवाओं से संस्कृति और संस्कारों से जुड़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं को अपने गुरुओं के जीवन से प्रेरणा लेकर मेहनत, अनुशासन, साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा और तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ युवाओं का अपनी संस्कृति, संस्कारों और गौरवशाली विरासत से जुड़ा रहना भी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल विकसित उत्तराखंड का निर्माण करना नहीं है, बल्कि ऐसा प्रदेश बनाना है जहां विकास के साथ विरासत का सम्मान हो, आधुनिकता के साथ संस्कार हों और प्रगति के साथ सामाजिक समरसता भी कायम रहे।
गोविंद बल्लभ पंत के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तराई क्षेत्र के विकास में पंडित गोविंद बल्लभ पंत के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी ने तराई क्षेत्र को बसाने और विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने उनकी जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को नमन किया।
ये गणमान्य रहे उपस्थित
पंजाबी गौरव सम्मेलन में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी एवं सांसद अनिल बलूनी, सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, प्रदीप बत्रा, भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत और तरुण बंसल सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
सम्मेलन का संचालन भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गुरविंदर सिंह चंडोक ने किया।
















