लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र बुधवार को विपक्ष के भारी हंगामे के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया. इसके उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान भवन के पोर्टिको में संवाददाताओं से वार्ता करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा जुबानी हमला बोला. उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान सपा का असली अलोकतांत्रिक और जनविरोधी चेहरा एक बार फिर पूरे प्रदेश के सामने बेनकाब हो गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सदस्यों द्वारा सदन को लगातार हंगामे की भेंट चढ़ाना प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं, दलितों, पिछड़ों और गरीबों के साथ भारी अन्याय है. नकारात्मक रवैये के कारण सपा ने ₹59,000 करोड़ से अधिक के अनुपूरक बजट की कल्याणकारी योजनाओं पर सार्थक चर्चा नहीं होने दी.
“59 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पारित, डबल इंजन सरकार नहीं रुकेगी”
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि सपा के हंगामे और व्यवधान डालने के प्रयासों के बावजूद विधानसभा ने अनुपूरक बजट मांगों को सफलतापूर्वक पारित कर दिया है.
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने पिछले सवा नौ वर्षों में जिस प्रतिबद्धता और निष्ठा के साथ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए कार्य किया है, वह बिना रुके, बिना डिगे और बिना थके लगातार आगे बढ़ता रहेगा.
“समाजवादी पार्टी ने इस सदन की कार्यवाही को बाधित कर केवल विधानसभा का नहीं, बल्कि दलितों, पिछड़ों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के विकास के अवसरों को बाधित करने का पाप किया है। इनका आचरण असंवैधानिक, अलोकतांत्रिक और अत्यंत शर्मनाक है।” – योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
अनुपूरक बजट एवं यूपी विधानसभा सत्र: मुख्य बिंदु एक नजर में
| पहलू / विषय | अनुपूरक बजट व सीएम योगी के संबोधन का ब्योरा |
|---|---|
| अनुपूरक बजट का आकार | ₹59,000 करोड़ से अधिक की जन-कल्याणकारी योजनाएं पारित. |
| महापुरुषों के सम्मान हेतु आवंटन | बाबा साहेब आंबेडकर, संत रविदास, अहिल्याबाई होल्कर आदि के स्मारकों के लिए ₹407 करोड़. |
| मानदेय और सामाजिक सुरक्षा | आंगनवाड़ी, आशा वर्कर, रसोइए, कोटेदार, चौकीदार और पेंशन वृद्धि का प्रावधान. |
| सत्र की वर्तमान स्थिति | विपक्ष के भारी हंगामे के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित. |
मानदेय वृद्धि, पेंशन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर नहीं होने दी चर्चा
मुख्यमंत्री ने विस्तार से बताया कि सरकार की मंशा युवाओं के रोजगार, कौशल विकास, एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार और मानदेय पर काम करने वाले मानदेय कर्मियों के हितों पर विस्तृत चर्चा कराने की थी.
सदन के हंगामे के कारण प्रभावित विषय:
- मानदेय कर्मियों के हित: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों, रसोइयों, ग्राम चौकीदारों और कोटेदारों के मानदेय में बढ़ोतरी के प्रस्ताव शामिल थे.
- पेंशन योजनाओं का विस्तार: निराश्रित महिला पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांगजन पेंशन में राशि बढ़ाने और नए पात्रों को जोड़ने पर चर्चा होनी थी.
- महापुरुषों का सम्मान: सामाजिक न्याय के पुरोधाओं- बाबा साहेब आंबेडकर, महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास, ज्योतिबा फुले, शाहूजी महाराज और अहिल्या बाई होल्कर के स्मारकों/पार्क के रखरखाव के लिए ₹407 करोड़ के विशेष प्रावधान पर चर्चा रोकी गई.
सीएम योगी ने अंत में दोहराया कि सपा के लगातार व्यवधान के बावजूद सरकार ने वित्तीय मंजूरी हासिल कर ली है और सभी विकास कार्य व सामाजिक सम्मान की परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाएंगी.











