मुंबई (महाराष्ट्र) । शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास एवं मुंबई विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “विकसित भारत हेतु शिक्षा” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया. इस संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
संगोष्ठी के दौरान देश भर से आए शीर्ष शिक्षाविदों, कुलपतियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था के कायाकल्प, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन और विकसित भारत संकल्प को साकार करने में शिक्षा की केंद्रीय भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया.

NEP 2020, कौशल विकास और नवाचार पर सार्थक विमर्श
‘विकसित भारत हेतु शिक्षा’ विषय पर केंद्रित इस संगोष्ठी में शिक्षा के भारतीय दृष्टिकोण को पुनर्जीवित करने पर विशेष बल दिया गया. वक्ताओं ने रेखांकित किया कि देश को स्वावलंबी और सशक्त बनाने के लिए शिक्षा में कौशल विकास (Skill Development), नवाचार (Innovation) और मूल्य-आधारित शिक्षण का समावेश समय की मांग है.
सत्र के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को केवल कागजों तक सीमित न रखकर इसे जमीनी स्तर पर लागू करने की रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई, ताकि आने वाली पीढ़ी वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में पूरी तरह सक्षम बन सके.

देशभर के दिग्गज शिक्षाविदों और उद्योगपतियों की सहभागिता
इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में शिक्षा, नीति-निर्माण और उद्योग क्षेत्र की कई नामचीन हस्तियों ने हिस्सा लिया और अपने विचार साझा किए.
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्ति:
- दत्तात्रेय होसबाले: सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)
- डॉ. पंकज मित्तल: राष्ट्रीय अध्यक्ष, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास
- डॉ. अतुल कोठारी: राष्ट्रीय सचिव, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास
- डॉ. सविता सेंगर: राष्ट्रीय सह-सचिव, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास
- आशीष चौहान: प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD & CEO), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)
- अन्य: विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षाविद, नीति-निर्माता एवं शोधार्थी.

संगोष्ठी के समापन पर वक्ताओं ने विश्वास जताया कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास और मुंबई विश्वविद्यालय का यह संयुक्त प्रयास देश में शिक्षा के भारतीय मॉडल को सुदृढ़ करने और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में मील का पत्थर साबित होगा.

















