देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने हालात चिंताजनक बना दिए हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में अगले 48 घंटों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और कई इलाकों में भूस्खलन तथा जलभराव की आशंका भी जताई गई है।
ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा
लगातार हो रही बारिश का असर गंगा नदी पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ऋषिकेश में गंगा चेतावनी रेखा के बेहद करीब पहुंच गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा का जलस्तर फिलहाल चेतावनी रेखा 39.50 मीटर से लगभग 50 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है, जबकि नदी का प्रवाह काफी तेज बना हुआ है। त्रिवेणी घाट, रामझूला और आसपास के घाटों पर पानी का बहाव लगातार बढ़ रहा है। हालात को देखते हुए SDRF, जल पुलिस और आपदा राहत दल पूरी तरह सतर्क हैं।
घाटों से दूर रहने की अपील
प्रशासन ने ऋषिकेश, मुनि की रेती और लक्ष्मण झूला क्षेत्र के प्रमुख घाटों पर लाउडहेलर के माध्यम से श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे गंगा किनारे न जाएं और सुरक्षा के लिए घाटों को तत्काल खाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की भी अपील की है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने टिहरी, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, ऊधम सिंह नगर, चंपावत और देहरादून जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदियों-नालों के उफान पर आने की संभावना बनी हुई है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने टिहरी, बागेश्वर और देहरादून जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अनावश्यक रूप से बच्चों को घर से बाहर न भेजने की सलाह दी है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे जाने से बचें, पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा न करें और मौसम विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत टीम से संपर्क करने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश के बीच उत्तराखंड के कई हिस्सों में प्रशासन हाई अलर्ट पर है। अगले 48 घंटे राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
















