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CJP कॉकरोचों का देशव्यापी प्रदर्शन: दिल्ली मेट्रो के इन 17 स्टेशनों पर बंदी

दिल्ली मेट्रो ने CJP प्रदर्शन के चलते 17 स्टेशन पूरी तरह बंद कर दिए हैं। लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक समेत पूरी लिस्ट, इंटरचेंज सुविधा और यात्रियों के लिए सलाह।

Published by
कुलदीप सिंह

दिल्ली में हड़कंप मचाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कॉकरोचों का प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी क्रम में इन्होंने आज देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसके लिए कॉकरोच देशभर में छात्रों को भड़काकर अपने प्रदर्शनों में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी क्रम में दिल्ली में भी हुड़दंग मचाने की तैयारी की है। हालात को समझते हुए दिल्ली मेट्रो ने आज (शुक्रवार) 17 स्टेशन यात्री सेवाओं को बंद करने का ऐलान किया है। बंदी सुबह 7:30 बजे से शुरू हो चुकी है और अगले आदेश तक चलेगी।

कौन-कौन से स्टेशन बंद हैं?

ये स्टेशन पूरी तरह बंद रहेंगे:

  • लोक कल्याण मार्ग
  • राजीव चौक
  • पटेल चौक
  • रामकृष्ण आश्रम मार्ग
  • बाराखंबा रोड
  • सुप्रीम कोर्ट
  • सेवा तीर्थ
  • जनपथ
  • मंडी हाउस
  • सेंट्रल सेक्रेटेरिएट
  • आईटीओ
  • दिल्ली गेट
  • इंद्रप्रस्थ
  • खान मार्केट
  • जोर बाग
  • शिवाजी स्टेडियम
  • झंडेवालान

DMRC ने ट्वीट करके भी यही जानकारी दी है। इससे पहले डीएमआरसी ने 16 स्टेशनों को बंद किया था।

इंटरचेंज की सुविधा कहाँ मिलेगी?

बंदी के बावजूद कुछ स्टेशनों पर लाइन बदलने की सुविधा बनी रहेगी। राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर यात्री इंटरचेंज कर सकेंगे। बाकी स्टेशनों पर प्रवेश और निकास दोनों बंद रहेंगे।

यात्रियों के लिए सलाह

मेट्रो प्रशासन ने सबको पहले से यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी है। आज इन इलाकों में जाने वाले लोग बस, ऑटो, टैक्सी या अन्य साधनों का इस्तेमाल करें। DMRC की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप और सोशल मीडिया पर अपडेट चेक करते रहें, क्योंकि स्थिति बदल सकती है।

CJI का बयान

कल गुरुवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने इस मुद्दे पर ध्यान दिया। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने बताया कि मेट्रो स्टेशन बंद होने से वकीलों और कोर्ट आने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। CJI ने कहा कि अगर समस्या का हल नहीं निकला तो वे इसमें दखल देंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मेट्रो बंदी से प्रभावित वकीलों की गैरमौजूदगी में किसी मामले में प्रतिकूल आदेश न पास किया जाए। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने बताया कि उन्हें CJI के दखल के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।

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