सुप्रीम कोर्ट बोला- सिर्फ आंदोलन हो रहा है तो पुलिस लाठीचार्ज नहीं कर सकती, शांतिपूर्ण प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार
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सुप्रीम कोर्ट बोला- सिर्फ आंदोलन हो रहा है तो पुलिस लाठीचार्ज नहीं कर सकती, शांतिपूर्ण प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ आंदोलन हो रहा है इसका मतलब पुलिस लाठीचार्ज कर दे, ऐसा नहीं हो सकता। शांतिपूर्ण प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार है। राजद सांसद मनोज झा की याचिका पर CJI सूर्य कांत की टिप्पणी, दिल्ली CJP मार्च मामले में कल सुनवाई।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Jul 27, 2026, 02:09 pm IST
inभारत
Supreme Court

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि सिर्फ आंदोलन हो रहा है, इसका मतलब यह नहीं कि पुलिस लाठीचार्ज कर दे। शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार संविधान के तहत पूरी तरह सुरक्षित है। शीर्ष अदालत ने ये टिप्पणी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के द्वारा निकाले गए चलो संसद विरोध मार्च के दौरान हुई हिंसा और फिर पुलिस की लाठीचार्ज को लेकर की है।

मनोज झा दायर की थी याचिका

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा पिछले हफ्ते CJP के प्रदर्शन पर की गई कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने को तैयार हो गया। यह याचिका राजद सांसद मनोज झा ने दाखिल की थी।

मुख्य न्यायाधीश के सामने उल्लेख

मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत के सामने याचिका का उल्लेख किया गया। कोर्ट ने मामले को मंगलवार (कल) के लिए सुनवाई के लिए रख दिया। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा, “शांतिपूर्ण और कानूनी प्रदर्शन का अधिकार संविधान के तहत पूरी तरह गारंटीड है। जब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण है, सिर्फ आंदोलन हो रहा है इसलिए लाठीचार्ज नहीं किया जा सकता।”

कोर्ट ने आगे कहा कि अगर कोई अधिकता (excesses) हुई है तो उसे अलग से जांचा जाना चाहिए। यह चिंता सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में लागू होनी चाहिए।

एक समान प्रोटोकॉल की जरूरत

सुप्रीम कोर्ट ने जोर दिया कि सभी राज्यों में पुलिस कार्रवाई के लिए एक समान प्रोटोकॉल होना चाहिए। कोर्ट के मुताबिक, अनुशासन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी भी तरह की फोर्स (बल) के इस्तेमाल को स्वतंत्र रूप से जांचा जाना चाहिए।

क्या था मामला?

पिछले हफ्ते टॉल्स्टॉय मार्ग इलाके में CJP के प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसकी तस्वीरें और वीडियो काफी वायरल हुए थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने अचानक बल प्रयोग किया।मनोज झा की याचिका में इसी घटना का जिक्र है और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं।

Topics: सुप्रीम कोर्टCJP प्रदर्शनसुप्रीम कोर्ट लाठीचार्जमनोज झा याचिकादिल्ली पुलिस लाठीचार्जशांतिपूर्ण प्रदर्शन अधिकार
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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