पाकिस्तान में मरना भी हुआ दूभर! कफन का कपड़ा और दफन के लिए जमीन भी कम पड़ रही
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पाकिस्तान में मरना भी हुआ दूभर! कफन का कपड़ा और दफन के लिए जमीन भी कम पड़ रही

महंगाई की मार पाकिस्तान पर इतनी कि अब मरना भी महंगा हो गया। एक शव को दफनाने में 50 से 60 हजार रुपये लग रहे हैं। कब्रिस्तान में जगह की कमी और बढ़ते खर्च की पूरी डिटेल।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Jul 10, 2026, 11:10 am IST
inविश्व

पाकिस्तान में महंगाई की वजह से लोग सिर्फ जीने में ही नहीं, मरने के बाद अंतिम संस्कार करने में भी परेशान हो रहे हैं। कफन से लेकर कब्र तक सब कुछ महंगा हो गया है। कई परिवारों को इसके लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। हालात ये हो गए हैं कि अब पाकिस्तान में मरना भी दूभर हो गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, रावलपिंडी समेत कई शहरों में एक शव को दफनाने का कुल खर्च अब करीब 50 से 60 हजार पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच गया है। पहले पड़ोसी और स्थानीय लोग मुफ्त में कब्र खोदने में मदद कर देते थे, लेकिन अब वह परंपरा लगभग खत्म हो चुकी है। हर काम के लिए पैसे देने पड़ते हैं।

खर्चों का ब्योरा (पाकिस्तानी रुपये में)

  • कफन का कपड़ा: 3000 से 4000
  • अन्य सामग्री (गुलाबजल, कपूर, अगरबत्ती, फूल आदि): 2000 से 2500
  • कब्र की जमीन, खुदाई और ईंटों की तैयारी: 40,000 से 45,000
  • शव को नहलाने की मजदूरी: 1000 से 1500
  • पक्की कब्र (ईंट-सीमेंट): 15,000 से शुरू
  • मार्बल फिनिशिंग: 25,000 से 30,000 या ज्यादा

ऐसे में खर्च कितानी भी कम किया जाए, ये 50 हजार तक चला जाता है। गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह रकम जुटाना बहुत मुश्किल हो गया है।

इसे भी पढ़ें: न्यूयॉर्क में भीषण गर्मी, मेयर जोहरान मामदानी ने की बिजली बचाने की अपील; कहा-AC 78 डिग्री पर सेट रखें

कब्रिस्तान भी कम पड़ रहे

कई कब्रिस्तानों में जगह इतनी कम हो गई है कि पुरानी कब्रों को हटाकर या उन्हीं के ऊपर नई कब्र बनाकर दफनाना पड़ रहा है। इससे भी अतिरिक्त खर्च बढ़ जाता है।

महंगाई की मौजूदा स्थिति

2023 में पाकिस्तान में महंगाई दर 40 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। जून 2026 के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब उपभोक्ता मुद्रास्फीति घटकर 11.1 प्रतिशत रह गई है। लेकिन आम लोगों को इस राहत का ज्यादा फायदा नहीं मिल रहा। लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से खाना-पीना, बिजली, ईंधन और घर का किराया पहले से ही बहुत महंगा है। ऐसे में अचानक अंतिम संस्कार जैसा खर्च परिवार को कर्ज लेने पर मजबूर कर देता है।

सरकार का बजट और IMF की शर्तें

पाकिस्तान सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 18.77 ट्रिलियन रुपये का बजट पेश किया है। इसमें रक्षा खर्च 18 प्रतिशत बढ़ाकर 3 ट्रिलियन रुपये कर दिया गया है, जबकि विकास कार्यों के लिए सिर्फ 1 ट्रिलियन रुपये रखे गए हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से 7 अरब डॉलर के लोन प्रोग्राम के कारण सरकार पर वित्तीय अनुशासन और टैक्स वसूली का दबाव है। जीडीपी का 2 प्रतिशत प्राथमिक बजट सरप्लस बनाए रखना जरूरी है। इसलिए आम लोगों को सब्सिडी या कल्याणकारी योजनाओं के रूप में ज्यादा राहत नहीं दी जा रही है।

Topics: पाकिस्तान महंगाईअंतिम संस्कार खर्चपाकिस्तान कब्र दफनाने का खर्चपाकिस्तान में मरना महंगा
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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