बंगाल में शुभेंदु अधिकारी सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार द्वारा वर्ष 2012 में ओबीसी सूची में शामिल की गई 113 जातियों को सूची से बाहर कर दिया गया है। इस संदर्भ में विधानसभा ने सोमवार को अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण से संबंधित दो महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पारित किया है।
इस संशोधन के कारण राज्य में ओबीसी आरक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। इस संदर्भ में राज्य के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री गौरीशंकर घोष ने सदन में विधेयक पेश किया था। 2012 में ओबीसी सूची में शामिल की गई 113 जातियों में अधिकांश एक विशेष समुदाय से संबंधित हैं। 1993 के मूल कानून के तहत सूचीबद्ध 66 जातियों का आरक्षण पहले की तरह ही यथावत रहेगा। इस संशोधन के बाद ओबीसी आरक्षण का 10 प्रतिशत कम कर दिया गया है। राज्य में ओबीसी आरक्षण का पहले 17 से अब घटाकर सात प्रतिशत कर दिया गया है।
इंडियन सेक्युलर फ्रंट के विधायक नौशाद सिद्दीकी द्वारा मत विभाजन की मांग पर सदन में मतदान के दौरान कुल 186 विधायकों ने विधायकों के पक्ष में मतदान किया, जबकि 17 ने विरोध में वोट किया। तृणमूल कांग्रेस के ऋतब्रत गुट के कई विधायकों ने विधेयकों पर मतदान से पहले सदन से बहिर्गमन कर गये। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खेमे में शामिल विधायकों ने मतदान में हिस्सा लिया। ऋतब्रत गुट के छह विधायक भी सदन में ही थे।















