पिछले 15 सालों से ममता बनर्जी की सरकार के दौरान हिन्दुओं को अपने त्योंहारों को मनाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था। लेकिन, अब राज्य की नई सरकार ने इस वर्ष श्रावण महीने में शिव मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सरकार ने कुछ खास सुविधाएं शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह ऐलान किया है। यह सब रथ यात्रा की तैयारियों के बीच हुआ है, जिसकी शुरुआत 16 जुलाई को होने वाली है।
हेलिकॉप्टर से फूल बरसाने की योजना
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि श्रावण के हर सोमवार को शिव मंदिर पर जल चढ़ाने वाले भक्तों पर हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए जाएंगे। यह काम मौसम की स्थिति देखकर किया जाएगा। पूरा श्रावण महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा, इसलिए इस दौरान यह व्यवस्था रहेगी। यह घोषणा सचिवालय में रथ यात्रा को लेकर हुई बैठक के बाद की गई। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा पर खास ध्यान दिया गया।
सेवा केंद्र और रास्ते की सुविधाएं
सरकार शेउराफुली से तारकेश्वर तक हर पांच किलोमीटर पर सेवा केंद्र बना रही है। श्रावण मेला के रास्तों पर भी तय दूरी पर ये केंद्र होंगे। इन केंद्रों से जल लेकर जा रहे लोगों को जरूरी मदद मिल सकेगी। तारकेश्वर धाम में 15 करोड़ रुपये के विकास कार्य चल रहे हैं। तीन बड़े तीर्थस्थलों — तारकेश्वर, जलपेश मंदिर और भूटान सीमा के पास जयंती क्षेत्र के मंदिर — को खास केंद्र बनाया गया है।
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श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाएं
- पुलिस सहायता कैंप
- स्वास्थ्य सेवाएं
- पीने का पानी
- ओआरएस
- आराम करने की जगह
रथ यात्रा समितियों को मदद
इस साल राज्य की 60 रथ यात्रा समितियों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। रथ यात्रा 16 जुलाई को शुरू होगी। राज्य भर में 75 पारंपरिक रथ यात्रा मेलों में भी सेवा केंद्र बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोलकाता में हर साल कई रथ यात्राएं निकलती हैं। पिछली सरकार सिर्फ पुलिस तैनात करके काम पूरा समझ लेती थी। अब सरकार सक्रिय रूप से हिस्सा ले रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के विचार का जिक्र भी किया। अधिकारी ने यह भी बताया कि दूसरे राज्यों में सरकारें धार्मिक परंपराओं का खुलकर समर्थन करती हैं। पश्चिम बंगाल में अब यह कमी पूरी की जा रही है।

















