इन दिनों सोशल मीडिया पर “370 रुपये बिरयानी” विवाद काफी चर्चा में है। इस मामले में स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे और वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा का नाम सामने आया है। एक वायरल वीडियो के बाद यह विवाद शुरू हुआ, जिस पर अब कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
विवादित टिप्पणियों पर बढ़ा कानूनी शिकंजा
दरअसल, प्रणित मोरे के एक कॉमेडी शो के दौरान हिमांशु जांगड़ा ने अपनी डेटिंग से जुड़ा एक अनुभव साझा किया था। बातचीत के दौरान उन्होंने कुछ ऐसी बातें कही थीं, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने आपत्ति जताई। कई लोगों का मानना है कि उनकी टिप्पणियां महिलाओं के सम्मान के खिलाफ थीं। वीडियो तेजी से वायरल हुआ और इसके बाद दोनों को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग की शिकायत के आधार पर गुरुग्राम पुलिस ने भी विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। इससे यह साफ है कि इस विवाद को केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि कानूनी स्तर पर भी इसकी जांच की जा रही है।
इस पूरे मामले पर अनिरुद्धाचार्य ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आजकल कॉमेडी के नाम पर ऐसी बातें कही जा रही हैं, जो समाज और युवाओं पर गलत प्रभाव डाल सकती हैं। उन्होंने कहा कि किसी लड़की को 370 रुपये की बिरयानी खिलाने के बदले उसकी कीमत वसूलने जैसी सोच बेहद चिंताजनक है और यह महिलाओं के प्रति गलत मानसिकता को दर्शाती है। अनिरुद्धाचार्य का मानना है कि मनोरंजन के नाम पर ऐसे मजाक को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कॉमेडी का मकसद लोगों को हंसाना और अच्छा संदेश देना होना चाहिए, किसी की भावनाओं या सम्मान को ठेस पहुंचाना नहीं। उनका मानना है कि महिलाओं का सम्मान हर समाज की पहचान होता है और इस तरह की टिप्पणियां लोगों में गलत सोच को बढ़ावा दे सकती हैं। उन्होंने मीडिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब संत समाज नैतिक मूल्यों की बात करता है तो उसकी आलोचना की जाती है, लेकिन मनोरंजन के नाम पर कही गई आपत्तिजनक बातों पर उतनी गंभीर चर्चा नहीं होती। उनके अनुसार, समाज को ऐसे मामलों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना चाहिए।

















