महाराष्ट्र के नासिक स्थित मल्टीनेशनल कंपनी टीसीएस (TCS) बीपीओ में यौन शोषण और जबरन कन्वर्जन मामले में नया खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि सात महिला पुलिसकर्मियों ने करीब एक सप्ताह कंपनी में काम करके यौन उत्पीड़न और जबरन कन्वर्जन कराने वाले रैकेट का भंडाफोड़ किया।
ये महिला पुलिसकर्मी कंपनी में बतौर कर्मचारी शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने सीसीटीवी कैमरे से पूरे माहौल का जायजा लिया और आरोपियों को गिरफ्तार करवाया। इस मामले में अब तक छह आरोपियों आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसिफ अत्तार, दानिश शेख को गिरफ्तार किया गया है। वहीं एक महिला अभी तक फरार बताई जा रही है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपित कंपनी में टीम लीडर्स हैं। इनमें से पांच को न्यायिक हिरासत में और एक को 13 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
सलवार सूट पहनना शुरू किया, रोजे रखे
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईटी कंपनी में काम करने वाले टीम लीडर्स पर जबरन कन्वर्जन कराने के लिए हिंदू कर्मचारियों को सोची समझी साजिश के तहत निशाना बनाने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित में आठ महिलाएं (छह अविवाहित दो विवाहित) और 1 पुरुष शामिल है। महिलाओं ने अपनी शिकायतों में यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, बुर्का पहनने, नमाज पढ़ने, गोमांस खाने के लिए मजबूर करने और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने का आरोप लगाया है।
एक लड़की का इन कट्टरपंथियों ने इस कदर ब्रेनवॉश किया गया कि उसने जीन्स-टॉप छोड़कर सलवार सूट पहनना और रमजान में रोजा रखना शुरू कर दिया। उसके व्यवहार में अचानक आए परिवर्तन के कारण यह बात सामने आई। हिंदू परिवार को बेटी पर शक हुआ तो उन्होंने इस बारे में उससे पूछताछ की, जिसके बाद उसने कंपनी में चल रही गतिविधियों के बारे में उन्हें बताया। परिवार के कहने के बाद युवति ने मुबंई नाका पुलिस थाने में यौन शोषण, कन्वर्जन, जबरन गोमांस खिलाने की एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन पुलिस साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकती थी।
सात महिला पुलिसकर्मी कंपनी में कर्मचारी बनकर पहुंची
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस ने सात महिला पुलिसकर्मियों की एक टीम बनाकर कंपनी में नौकरी दिलाने की योजना बनाई। पहचान बदलकर आवेदन करने वाली महिलाओं को आसानी से कंपनी में नौकरी मिल गई। वहां काम के दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने करीब एक सप्ताह तक सारी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी। उन्होंने वहां लगे 40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज एकत्रित किए। इसके बाद आठ महिलाओं और एक पुरुष की शिकायत के आधार पर छह मुस्लिम कट्टरपंथियों को गिरफ्तार किया गया।
मीटिंग के बहाने, सुनसान स्थानों पर गलत तरीके से छुआ
एक पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि उसके साथ दो से अधिक आरोपितों ने कंपनी के बाहर ले जाकर दुष्कर्म किया। वहीं अन्य महिलाओं को मीटिंग के बहाने और ऑफिस के सुनसान स्थानों पर गलत तरीके से छुआ गया।
आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को आईटी कंपनी के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान महिला प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की गहनता से जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने यौन शोषण और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए मामले में कुछ नौ एफआईआर दर्ज की हैं। मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में आठ और देवलाली पुलिस स्टेशन में एक केस दर्ज किया गया है।

















