जोधपुर। विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद जी परांडे अपने जोधपुर प्रवास के दौरान पूरी तरह सक्रिय नजर आए। उन्होंने विहिप के सेवा, संस्कार एवं स्वावलंबन से जुड़े विभिन्न सेवा प्रकल्पों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता कर संगठन के कार्यकर्ताओं और समाजबंधुओं का ओजस्वी मार्गदर्शन किया। विशेष रूप से सीमा पार से आए विस्थापित हिंदू परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी भावी पीढ़ी को सुसंस्कारित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
स्वावलंबन की ओर कदम: विस्थापित परिवारों को मिले स्वरोजगार के साधन
विहिप महामंत्री के जोधपुर प्रवास के दौरान विस्थापितों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें आत्मनिर्भरता की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक विशेष वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया-
विश्व हिन्दू परिषद की पावन प्रेरणा से संचालित विस्थापित भारतीय कल्याण समिति, जोधपुर द्वारा रोटरी क्लब के विशेष सहयोग से एक सराहनीय पहल की गई। इसके अंतर्गत विस्थापित हिंदू परिवारों को सम्मानजनक ढंग से स्वरोजगार (Self-Employment) से जोड़ने के उद्देश्य से व्यावसायिक ठेलों (Carts) का निःशुल्क वितरण किया गया, जिससे वे अपनी आजीविका सुचारू रूप से चला सकें।
15 जून से शुरू होंगी 15 ‘संस्कारशालाएं’, दुर्गावाहिनी की बहनें संभालेंगी मोर्चा
विस्थापित बस्तियों में रह रहे मासूम बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ सनातन संस्कारों से जोड़ने के लिए आगामी 15 जून से एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है।
- संस्कारशालाओं का संचालन: बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए क्षेत्र में कुल 15 नूतन संस्कारशालाएं प्रारंभ की जा रही हैं।
- शैक्षणिक किट का वितरण: इन संस्कारशालाओं के सुचारू रूप से संचालन हेतु आवश्यक पठन-पाठन एवं सांस्कृतिक सामग्री के 15 विशेष किट दुर्गावाहिनी की समर्पित कार्यकर्ता बहनों को सौंपे गए।
“बच्चों में श्रेष्ठ संस्कारों का बीजारोपण करें आचार्या बहनें” — मिलिंद परांडे
बस्ती में चलने वाली इन संस्कारशालाओं को कुशलतापूर्वक संचालित करने के लिए शिक्षिकाओं (आचार्या बहनों) के लिए एक विशेष प्रशिक्षण वर्ग का भी आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण वर्ग का विधिवत शुभारंभ करते हुए विहिप के अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने बहनों को सेवा का संकल्प दिलाया।
“आप सभी आचार्या बहनों का यह दायित्व अत्यंत पवित्र और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा है। हमें राष्ट्र, समाज और अपने धर्म के प्रति पूरी तरह समर्पित भाव से कार्य करना होगा। विस्थापित परिवारों के बच्चों के भीतर बचपन से ही श्रेष्ठ सनातनी संस्कारों और देशभक्ति का बीजारोपण करना समय की महती आवश्यकता है, ताकि वे आगे चलकर देश के जिम्मेदार नागरिक बन सकें।”
– श्री मिलिंद परांडे, अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री (विहिप)

इस अवसर पर विस्थापित भारतीय कल्याण समिति के पदाधिकारी, रोटरी क्लब के प्रतिनिधि, विहिप और दुर्गावाहिनी की स्थानीय महिला कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में विस्थापित समाज के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।


















