पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार की नशों के खिलाफ ढिलमुल कार्रवाईयों से राज्य में नशे का आतंक लोगों को भयभीत करने लगा है। भय इतना है कि आम लोग नशे से पीड़ित मोहल्लों में अपने मकान बेच कर सुरक्षित जगहों पर जाने का प्रयास कर रहे हैं। अक्सर पंजाब में कर्ज के बोझ या गंभीर बीमारियों के कारण लोगों द्वारा अपने घर और जमीन-जायदाद बेचने के मामले सामने आते रहे हैं। लेकिन अब फरीदकोट जिले के कोटकपूरा शहर से एक हैरान कर देने वाला और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां लोगों ने अपने घरों के बाहर मकान बिकाऊ है के बोर्ड लगा दिए हैं। वजह न तो कर्ज है और न ही कोई बीमारी, बल्कि इलाके में खुलेआम बिक रहे चिट्टे के कारण लोगों का जीना मुहाल होने के आरोप हैं।
कोटकपुरा के वार्ड नंबर 17 में लगे पोस्टर
उल्लेखनीय है कि कोटकपूरा के जैतो रोड स्थित वार्ड नंबर 17 की राम बस्ती में लोगों द्वारा अपने घरों के बाहर फ्लैक्स तथा पोस्टर चस्पा दिए गए हैं। जिन पर गुरमुखी में लिखा है कि ‘एह घर बिकाऊ है, क्योंकि मोहल्ले विच्च नशा तस्करां विरुद्ध पुलिस वल्लों कोई वी कार्रवाई न होन करके’ इन पोस्टरों पर घर के मालिक का नाम भी लिखा गया है। बता दें कि उक्त मोहल्ले में लगभग 50-55 घर हैं।
सरेआम बिकता है चिट्टा
जिनमें से लगभग 20 घरों द्वारा यह पोस्टर लगाए गए हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि सभी के घर बिकाऊ हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में नशे का कारोबार सरेआम चल रहा है, जिसके कारण उनके बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। नशे के इस माहौल से परेशान होकर कई परिवार अब अपने घर बेचकर यह इलाका छोड़ने का मन बना चुके हैं।
क्या कहते हैं लोग ?
इस संबंध में बात करते हुए मोहल्ला निवासी सुक्खा सिंह, मनीष पाठक, वीना आदि ने बताया कि मोहल्ले में कथित तौर पर दो भाई पिछले काफी समय से चिट्टे का कारोबार कर रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि उन पर पहले एनडीपीएस के मामले में भी दर्ज हैं और उनका विरोध करने पर उनके द्वारा मोहल्ला वासियों को धमकियां भी दी जाती हैं और इसी कारण पिछले दिनों उनके द्वारा लड़ाई भी की गई।
पुलिस नहीं करती कोई कार्रवाई
उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिसके कारण मोहल्लावासी लंबे समय से परेशान हैं। इसी कारण जो यहां पिछले 20-30 वर्षों से रह रहे हैं और बड़ी मेहनत से अपने घर बनाए हैं वे आधे दाम में भी अपने घर बेच कर जाने को तैयार हैं। ताकि उनके बच्चे और उनकी आने वाली पीढी नशे से दूर रहे सके।
पुलिस का दावा कुछ और
उधर इस मामले में डीएसपी कोटकपूरा संजीव कुमार का कहना है कि उक्त मामला दो पक्षों की लड़ाई का है। जिसमें एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष जो दो भाई हैं उनके खिलाफ गंभीर धाराएं लगाने की मांग की जा रही थी। परंतु पुलिस द्वारा नियमों के अनुसार कार्रवाई की गई तो अब उनके द्वारा इस मामले को यह रंगत दे दी गई। ताकि उन लोगों को नशे के मामले में फंसाया जा सके। परंतु यदि नशे की बिक्री हो रही होती तो पुलिस स्वयं कार्रवाई करती।














