बदल गया भारतीय सेना का लुक! खत्म हुआ औपनिवेशिक दौर का ड्रेस कोड, जानिए क्या-क्या बदला?
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बदल गया भारतीय सेना का लुक! खत्म हुआ औपनिवेशिक दौर का ड्रेस कोड, जानिए क्या-क्या बदला?

भारतीय सेना ने हाल ही में अपने यूनिफॉर्म सिस्टम में एक बड़ा बदलाव किया है, जिसे “आर्मी यूनिफॉर्म्स-2026” मैनुअल के तहत लागू किया गया है।

Written byMahak SinghMahak Singh
Jun 15, 2026, 01:39 pm IST
inभारत
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

भारतीय सेना ने हाल ही में अपने यूनिफॉर्म सिस्टम में एक बड़ा बदलाव किया है, जिसे “आर्मी यूनिफॉर्म्स-2026” मैनुअल के तहत लागू किया गया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश काल की पुरानी परंपराओं और प्रतीकों को हटाकर भारतीय संस्कृति, आधुनिक सोच और बेहतर कार्यक्षमता को अपनाना है। सेना का मानना है कि इससे उसकी पहचान और मजबूत होगी और सैनिकों को भी ज्यादा सुविधा मिलेगी। यह बदलाव पिछले कई सालों में सेना की वर्दी में किया गया सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह केवल कपड़ों में बदलाव नहीं है, बल्कि सेना की कार्यशैली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नए ड्रेस कोड में क्या बदलाव हुए?

नए नियमों के तहत विंटर ड्रेस में “3B” नाम का नया विकल्प जोड़ा गया है। इसमें आधुनिक विंटर जैकेट शामिल है, जो पहले वायुसेना और नौसेना में उपयोग होती थी। अब इसे भारतीय सेना में भी शामिल कर लिया गया है। यह ड्रेस मुख्य रूप से स्टेशनों पर उपयोग होगी, जबकि फील्ड में कॉम्बैट यूनिफॉर्म ही पहनी जाएगी। कॉम्बैट यूनिफॉर्म में भी बदलाव किया गया है। अब “7A” नाम के ड्रेस कोड में टी-शर्ट को शामिल किया गया है। इसके साथ ही “7B” नाम का कॉम्बैट विंटर जैकेट भी जोड़ा गया है, जिससे सर्दी के मौसम में सैनिकों को अधिक आराम मिल सके। औपचारिक कार्यक्रमों के लिए विंटर सेरेमोनियल ड्रेस में “1C” नाम का नया कोड शामिल किया गया है। पहले यह ड्रेस केवल जवानों और जेसीओ तक सीमित थी, लेकिन अब इसे अधिकारियों के लिए भी लागू कर दिया गया है।

महिलाओं और फॉर्मल ड्रेस में बदलाव

महिला अधिकारियों के लिए यूनिफॉर्म में नए विकल्प जोड़े गए हैं। अब वे साड़ी और कुर्ता-सलवार के साथ सीधी पैंट भी पहन सकती हैं। इससे उन्हें अधिक सुविधा और आराम मिलेगा, खासकर लंबे समय तक ड्यूटी के दौरान। फॉर्मल ड्रेस में अब स्वदेशी बंदी जैकेट को भी शामिल किया गया है। यह भारतीय परंपरा और आधुनिकता का मिश्रण है। इसके अलावा मेस ड्रेस से चमकदार पाउच बेल्ट हटा दी गई है ताकि ड्रेस अधिक साधारण और प्रोफेशनल दिखे। नए ड्रेस कोड के साथ अनुशासन से जुड़े कुछ नियम भी सख्त किए गए हैं। अब टैटू, मूंछों की लंबाई (अधिकतम 12 सेमी) और परफ्यूम के उपयोग पर नए दिशा-निर्देश लागू होंगे। इसका उद्देश्य सेना में एक समान और अनुशासित रूप बनाए रखना है। भारतीय सेना की वर्दी का इतिहास भी बदलावों से भरा रहा है। ब्रिटिश काल में सैनिकों की वर्दी का रंग लाल था, जिसे बाद में खाकी कर दिया गया। 1947 में आजादी के बाद सेना ने अपनी अलग पहचान बनाने के लिए ऑलिव ग्रीन रंग की वर्दी अपनाई। 2000 के शुरुआती वर्षों में फ्रांसीसी वुडलैंड पैटर्न से प्रेरित कैमोफ्लाज यूनिफॉर्म लाई गई, जो जंगलों में छिपने में मदद करती थी। इसके बाद 2022 में आधुनिक डिजिटल कॉम्बैट यूनिफॉर्म अपनाई गई, जिसमें पिक्सल पैटर्न होता है। यह यूनिफॉर्म रेगिस्तान, पहाड़ और जंगल जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर छिपाव प्रदान करती है।

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Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
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