Explainer: बादल फटने से होने वाली तबाही से बचाएगा नया AI मॉडल, जानिए कैसे करता है काम?
July 5, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विज्ञान और तकनीक

Explainer: बादल फटने से होने वाली तबाही से बचाएगा नया AI मॉडल, जानिए कैसे करता है काम?

आईआईटी भुवनेश्वर के वैज्ञानिकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित एक बेहद एडवांस वेदर फोरकास्टिंग मॉडल तैयार किया है। उनका दावा है कि यह नया सिस्टम बादल फटने जैसी खतरनाक घटनाओं की जानकारी 72 घंटे (3 दिन) पहले ही दे सकता है।

Written byजय प्रकाश गुप्ताजय प्रकाश गुप्ता — edited by कुलदीप सिंह
Jun 15, 2026, 01:22 pm IST
in विज्ञान और तकनीक
IIT Bhuvaneshwar AI Model

प्रतीकात्मक तस्वीर

पहाड़ी राज्य जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में हर साल बादल फटने की कई खबरें आती हैं। इन प्राकृति आपदाओं में बहुत सी जान व माल की हानि होती है। क्या हो अगर इन आपदाओं का सटीक अलर्ट मिल जाए, वो भी 3 दिन पहले?

यह संभव कर दिखाया है आईआईटी भुवनेश्वर (IIT Bhubaneswar) के वैज्ञानिकों ने। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित एक बेहद एडवांस वेदर फोरकास्टिंग मॉडल तैयार किया है। उनका दावा है कि यह नया सिस्टम बादल फटने जैसी खतरनाक घटनाओं की जानकारी 72 घंटे (3 दिन) पहले ही दे सकता है, जिससे आपदा प्रबंधन टीमों को राहत और बचाव कार्य की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। इस तरह बादल फटने से अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से लोगों की जान और करोड़ों रुपये की संपत्ति नष्ट होने से बच जाएगी।

क्या है ये लेटेस्ट एआई बेस्ड टेक्नोलॉजी, यह कैसे काम करती है और यह पारंपरिक मौसम प्रणालियों से कितनी बेहतर है, चलिए विस्तार से आपको बताते हैं।

क्या है यह नया AI मॉडल और किसने किया है तैयार?

दरअसल, बादल फटने (Cloudburst) से निपटने के लिए भारतीय वैज्ञानिकों ने एक क्रांतिकारी तकनीक विकसित की है। IIT भुवनेश्वर के मौसम वैज्ञानिकों संदीप पटनायक, हेमंत कुमार, ओमवीर शर्मा, नीलाद्री बिहारी और धनंजय त्रिवेदी की टीम ने मिलकर इस अत्याधुनिक एआई सिस्टम को विकसित किया है। इस मॉडल का टेक्निकल नाम ‘ड्यूल एंकोडर क्रॉस अटेंशन फ्यूजन ट्रांसफॉर्मर मॉडल’ (Dual Encoder Cross Attention Fusion Transformer Model) है।

कैसे करता है काम?

यह एक अत्याधुनिक डीप लर्निंग सिस्टम (Deep Learning System) है जो वायुमंडल और मौसम से जुड़े बेहद जटिल और तेजी से बदलने वाले डेटा का गहराई से विश्लेषण करने में सक्षम है। वैज्ञानिकों ने इस मॉडल की मदद से अगस्त 2023 में उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हुई उस भीषण बारिश और बादल फटने की घटनाओं का बारीकी से अध्ययन किया जिसने 140 से अधिक मासूमों की जान ले ली थी और चारों तरफ हाहाकार मचा दिया था।

पारंपरिक WRF मॉडल से है कहीं बेहतर

आमतौर पर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और अन्य एजेंसियां मौसम का अनुमान लगाने के लिए ‘वेदर रिसर्च एंड फोरकास्टिंग’ (WRF) नाम के पारंपरिक न्यूमेरिकल मॉडल का उपयोग करती हैं। लेकिन अचानक होने वाले बदलावों और छोटे क्षेत्रों में होने वाली भारी बारिश को पकड़ने में यह पुराना मॉडल कई बार विफल हो जाता है।

इसके विपरीत, नए एआई मॉडल ने साल 2023 के लाइव ट्रायल्स के दौरान शानदार नतीजे दिए। जैसे:

1. इस सिस्टम ने 3 दिन पहले ही बादलों के खतरनाक तरीके से उमड़ने और फटने के सटीक संकेत दे दिए।
2. परीक्षण के दौरान इस एआई मॉडल की सटीकता पहाड़ी इलाकों में बेहद प्रभावशाली दर्ज की गई। पौड़ी गढ़वाल में लगभग 78 फीसदी सटीक पूर्वानुमान। मंडी (हिमाचल प्रदेश) में इसने 68 प्रतिशत सटीकता हासिल की। जबकि देहरादून में 67 और हरिद्वार में 54 प्रतिशत सटीकता पाई।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह मॉडल बारिश के समय और उसकी तीव्रता (इंटेंसिटी) में होने वाले सूक्ष्म से सूक्ष्म बदलावों को भी आसानी से पकड़ लेता है, जहां पुराने कंप्यूटर मॉडल पूरी तरह फेल हो जाते हैं। यह रिसर्च स्प्रिंग नेचर जर्नल में प्रकाशित हुई है। अध्ययन में बताया गया है कि इस नए मॉडल ने बारिश का बहुत सटीक अनुमान लगाया। इसमें गलती की गुंजाइश 9 मिलीमीटर से भी कम रही, जो कि ‘वेदर रिसर्च एंड फोरकास्टिंग’ (WRF) मॉडल के मुकाबले काफी बेहतर है।

इसे भी पढ़ें: US-Iran Peace Deal: US-ईरान शांति समझौते पर कब और कहां होंगे हस्ताक्षर? जानिये

राजधानी दिल्ली में भी बढ़ा खतरा

मौसम विज्ञान (IMD) के नियमों के अनुसार, जब किसी बहुत छोटे भौगोलिक क्षेत्र (लगभग 20 से 30 वर्ग किलोमीटर) के भीतर मात्र एक घंटे के समय में 100 मिलीमीटर (10 सेमी) या उससे अधिक बारिश हो जाती है तो उस स्थिति को तकनीकी रूप से ‘बादल फटना’ कहा जाता है। अब तक यह माना जाता था कि बादल फटने की घटनाएं सिर्फ ऊंचे पहाड़ी इलाकों में ही होती हैं, लेकिन बदलते पर्यावरण और ग्लोबल वार्मिंग के कारण अब मैदानी इलाकों की स्थिति भी चिंताजनक हो गई है। देश की राजधानी दिल्ली में अब मॉनसून के दौरान सिर्फ 2 से 3 घंटे के भीतर ही 100 से 200 मिलीमीटर तक मूसलाधार बारिश होने के मामले तेजी से बढ़े हैं।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इन बदलते पैटर्न्स को देखते हुए अब यह बिल्कुल नहीं कहा जा सकता कि दिल्ली जैसी घनी आबादी वाले महानगर में बादल नहीं फट सकते। यदि ऐसी घटना दिल्ली में होती है तो जलभराव और बाढ़ से स्थिति अनियंत्रित हो सकती है।
ऐसे में IIT भुवनेश्वर का यह एडवांस एआई अलर्ट सिस्टम भविष्य में दिल्ली समेत देश के कई बड़े शहरों को अचानक आने वाली तबाही से सुरक्षित रखने में वरदान साबित हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह एक ऐतिहासिक खोज है जिसका सीधा फायदा आपदा प्रबंधन, समय से पहले चेतावनी देने और नुकसान को कम करने में मिलेगा।

Topics: बादल फटने की भविष्यवाणीड्यूल एंकोडर क्रॉस अटेंशन फ्यूजन ट्रांसफॉर्मरदिल्लीआपदा प्रबंधनआईएमडीआईआईटी भुवनेश्वर एआई वेदर मॉडल
जय प्रकाश गुप्ता
जय प्रकाश गुप्ता
लेखक करीब एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। अभी स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहरी पकड़ है। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Summer weather

सुपर एल नीनो की मार: दिल्ली में 45°C पार, तेलंगाना में 16 मौतें, कई राज्यों में लू का अलर्ट

Uttarakhand himachal pradesh SDRF

देहरादून में हिमाचल-उत्तराखंड आपदा प्रबंधन पर महत्वपूर्ण चर्चा, SDRF की सराहना

सीएम धामी का दिल्ली दौरा : चारधाम यात्रा के लिए की LPG सप्लाई बढ़ाने की मांग

Delhi Man HIV syndrome

दिल्ली: AI की सलाह पर ली HIV से बचाव की दवाएं, जानलेवा ‘स्टीवन्स जोन्स सिंड्रोम’ से हालत गंभीर

बदला जाए Delhi का नाम : पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने की मांग, बताई इसके पीछे की वजह

उत्तराखंड : अमित शाह ने की सीएम धामी से फोन पर बात, आपदा राहत कार्यों पर हुई चर्चा

Load More

ताज़ा समाचार

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी : भारत के राजनीतिक और सांस्कृतिक एकीकरण के सूत्रधार

YRF Alpha Movie Controversy Pakistani Actresses Social Media Troll Yash Raj Films

YRF की “अल्फा” मूवी पर भड़के लोग: पाकिस्तानी अभिनेत्रियों की एंट्री पर सोशल मीडिया पर बवाल, उठी बॉयकॉट की मांग!

Operation Mule Hunt 2.0 Cyber Crime Gandhinagar Khalid Soyab Afzal Arrested

‘ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0’ : देश के सबसे बड़े साइबर क्राइम नेटवर्क का खुलासा, खालिद, सोयब, अफजल गिरफ्तार, जानिए पूरी कहानी

Ram Mandir Theft Case VHP Alok Kumar Letter Priyanka Gandhi Arvind Kejriwal Ayodhya Police

राम मंदिर चढ़ावा केस: VHP अध्यक्ष का पुलिस को पत्र, लिखा- प्रियंका गांधी, केजरीवाल और रामगोपाल यादव के दावों की हो जांच

Mohan Bhagwat on Mental Health Nagpur Speech Samarpana Wellness Centre RSS

“मोबाइल नहीं, बातचीत से बनेगा मजबूत मन…” नागपुर में बोले मोहन भागवत जी- बच्चे रोते हैं तो फोन मत थमाओ, संवाद करो!

Sanskar Bharti Regional Training Camp Haridwar Nishkam Seva Trust Dr Shailendra RSS

हरिद्वार में संस्कार भारती का वर्ग सम्पन्न, प्रांत प्रचारक बोले- ‘सनातन धर्म का कार्य ही संस्कार भारती का मूल काम’!

Indian Army Recruitment 2027 Uttarakhand Agniveer Bharti Rally Ranikhet Somnath Ground

सेना भर्ती 2027: अग्निवीर CEE रिजल्ट पर बड़ा अपडेट, 25 जुलाई से रानीखेत में शारीरिक परीक्षा, ये दस्तावेज हैं जरूरी!

116 साल की उम्र में कर दिखाया कमाल! पैदल चढ़ीं तिरुमला की 3,550 सीढ़ियां, वीडियो हुआ वायरल

6 जुलाई का पंचांग

6 जुलाई का पंचांग: किस समय करें शुभ कार्य? जानें तिथि, योग, करण और लग्न

उत्तर से कतराते प्रश्न के प्रेत

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies