कोलकाता। पूर्वांचल कल्याण आश्रम द्वारा दक्षिण बंगाल के पाँच छात्रावासों के नवीनीकरण एवं विस्तार हेतु स्टेडल बैंक्वेट (Stadel Banquet) में आयोजित श्रीरामकथा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में निरंतर संपन्न हो रही है। कथा के सातवें दिवस पर पूज्य आचार्य श्री मृदुलकांत शास्त्री जी ने भगवान श्रीराम के जीवन के अत्यंत प्रेरक एवं भावपूर्ण प्रसंगों का विस्तृत एवं गहन वर्णन किया।
राम-हनुमान मिलन और लंका-दर्शन का मार्मिक चित्रण
आज की कथा में आचार्य श्री ने रामायण के कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का अत्यंत मार्मिक एवं रोचक चित्रण किया। उनके श्रीमुख से कथा श्रवण कर उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय में प्रभु श्रीराम के प्रति प्रेम, विश्वास और भक्ति का भाव जागृत हुआ। आज की कथा के मुख्य प्रसंग रहे:
- श्रीराम और हनुमान जी का प्रथम मिलन
- सुग्रीव से मित्रता
- माता सीता की खोज के लिए वानर-सेनाओं को चारों दिशाओं में भेजना
- संपाति प्रसंग और हनुमान जी द्वारा लंका-दर्शन
महाराज श्री ने बताया कि हनुमान जी का चरित्र निस्वार्थ सेवा, समर्पण, साहस और अटूट भक्ति का अद्वितीय आदर्श प्रस्तुत करता है।
“शिक्षा ही समाज के सर्वांगीण विकास का आधार है”
अपने प्रवचनों के माध्यम से पूज्य महाराज श्री ने वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार हेतु संचालित छात्रावासों के नवीनीकरण एवं निर्माण कार्यों तथा ‘गुरुकुल योजना’ के लिए उदार सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “शिक्षा ही समाज के सर्वांगीण विकास का आधार है और वनवासी बालकों के उज्ज्वल भविष्य के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आकर सहयोग करना चाहिए।”
व्यासपीठ पूजन और कार्यक्रम का सफल संचालन
कथा प्रारंभ होने से पूर्व प्रतिदिन की भाँति मुख्य एवं दैनिक यजमानों ने विधिवत व्यासपीठ पूजन कर कथा का शुभारंभ करवाया:
- मुख्य यजमान: श्री राजेश जी गुप्ता एवं श्रीमती सीमा जी गुप्ता
- दैनिक यजमान: श्री बेगराज अग्रवाल
- प्रसाद यजमान: राजेश जी चमड़िया एवं श्री सुरेश अग्रवाल
- श्रृंगार यजमान: श्रीमती कांता सराफ
कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर रामकथा के अमृत का रसपान कर रहे हैं। संपूर्ण वातावरण “जय श्रीराम” के उद्घोष एवं भक्ति रस से सराबोर बना हुआ है। कार्यक्रम का सफल संचालन बसंत गुप्ता ने किया। वहीं, कांकुरगाछी और गोवाबगान समिति की बहनों ने मधुर उद्बोधन गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

















