देहरादून: उत्तराखंड में ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में युवाओं को बर्बाद कर रहे सट्टेबाजी और बेटिंग के काले कारोबार पर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। इस बढ़ते नेटवर्क को खत्म करते हुए, STF ने एक साथ 84 संदिग्ध वेबसाइटों को सफलतापूर्वक ब्लॉक कर दिया है। STF SSP अजय सिंह ने कहा कि सरकार ने ऑनलाइन बेटिंग और दांव लगाने के खिलाफ कानूनों को काफी सख्त कर दिया है, जिससे उत्तराखंड में किसी भी तरह की ऑनलाइन बेटिंग पूरी तरह से बैन हो गई है।
नया कानून बेहद सख्त: संपत्ति होगी जब्त, सजा की अवधि 5 साल बढ़ी!
सरकार द्वारा हाल ही में सट्टेबाजी संबंधी कानून में किए गए बड़े संशोधनों के बाद अब अपराधियों का बचना नामुमकिन है-
5 साल की जेल: नियमों का उल्लंघन कर ऑनलाइन सट्टा संचालित करने और उसमें संलिप्त पाए जाने वालों के लिए सजा की अवधि को 5 वर्ष तक बढ़ा दिया गया है।
घर पर पड़ेगा छापा, संपत्ति होगी कुर्क: नए कानून के तहत पुलिस को तुरंत सर्च वारंट मिलेगा और सट्टेबाजी की अवैध काली कमाई से खड़ी की गई चल-अचल संपत्ति को जब्त (कुर्क) करने का भी कड़ा प्रावधान किया गया है।
कई परिवार हो रहे थे बर्बाद, ठगी से बचाने के लिए उठाया कदम
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि जांच के दौरान एसटीएफ की साइबर विंग ने ऐसी कई वेबसाइटों की पहचान की थी, जो युवाओं और मासूम लोगों को पैसे का लालच देकर ऑनलाइन सट्टे के दलदल में धकेल रही थीं। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि इस बड़ी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य जनता को ऑनलाइन ठगी और भारी आर्थिक नुकसान से बचाना है। सट्टे की लत के कारण हंसते-खेलते कई परिवार तबाह हो चुके हैं, जिसे देवभूमि में किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
















