नागपुर से एक गंभीर मामला सामने आया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसे एक दरगाह में बंधक बनाकर जबरन मतांतरण के लिए मजबूर करने की कोशिश की गई। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दरगाह के मुख्य केयरटेकर सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया गया है।
महिला ने लगाए बंधक बनाने और मतांतरण के दबाव के आरोप
जानकारी के अनुसार, शिकायत करने वाली महिला पश्चिम बंगाल के कोलकाता के दमदम इलाके की रहने वाली है। वह अप्रैल महीने में नागपुर के पास स्थित हुजूर मरियम अम्मा दरगाह में आयोजित उर्स समारोह में शामिल होने पहुंची थी। महिला का आरोप है कि 18 और 19 अप्रैल के बीच उसे दरगाह परिसर में जबरन रोककर रखा गया। महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि कुछ लोगों ने उस पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया। जब उसने इसका विरोध किया तो उसे धमकियां दी गईं। महिला का यह भी आरोप है कि इस दौरान उसके साथ मारपीट, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न किया गया। इन घटनाओं से वह काफी डर गई और मानसिक रूप से परेशान हो गई। महिला किसी तरह वहां से निकलने में सफल रही और वापस कोलकाता लौट गई। वहां उसने पहले अपना इलाज कराया और फिर दमदम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
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पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला नागपुर ग्रामीण जिले के कन्हान पुलिस स्टेशन को भेज दिया, क्योंकि कथित घटना वहीं हुई थी। नागपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हर्ष पोहरे ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। पीड़िता का बयान दर्ज करने के लिए पुलिस की एक टीम कोलकाता भी भेजी गई। मामले से जुड़े कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है। पुलिस ने मारपीट, धमकी, छेड़छाड़, हत्या के प्रयास और जबरन मतांतरण से जुड़ी विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस मामले में दो महिलाओं सहित छह लोगों को नामजद किया गया है। फिलहाल पुलिस सभी आरोपों की गहराई से जांच कर रही है।

















