जम्मू। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को जम्मू‑कश्मीर में प्रतिबंधित संगठन जमात‑ए‑इस्लामी (जेआईआई) से जुड़े आतंकी फंडिंग मामले में तीन जगहों पर छापेमारी की। श्रीनगर और शोपियां जिलों में चलाए गए इन तलाशी अभियानों के दौरान एजेंसी ने कई संदिग्ध वित्तीय दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं, जिनका संबंध जेआईआई और उससे जुड़े विभिन्न ट्रस्टों एवं संगठनों की गतिविधियों से बताया जा रहा है।
आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा था जमात ए इस्लामी
एनआईए के अनुसार जांच में अब तक सामने आया कि जेआईआई आतंकी फंड जुटाने और घाटी सहित देश के अन्य हिस्सों में आतंकवाद को बढ़ावा देने में सक्रिय था। संगठन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी कल्याणकारी गतिविधियों के नाम पर चंदा इकट्ठा करता था और इसको हिंसक और अलगाववादी गतिविधियों की ओर मोड़ देता था। यह धनराशि हिज्ब‑उल‑मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों तक भी पहुंचाई जाती थी, जिसके लिए संगठन ने अपने कैडरों का संगठित नेटवर्क तैयार किया था।
युवाओं को बना रहा था कट्टरपंथी
एजेंसी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि जेआईआई की साजिश में कश्मीरी युवाओं को कट्टरपंथी बनाना और उन्हें नए सदस्य के रूप में भर्ती करना शामिल था, ताकि वे अलगाववादी गतिविधियों को आगे बढ़ा सकें। एनआईए ने कहा कि मामले की जांच जारी है।

















