स्पेन के उत्तरी अफ्रीका में स्थित स्यूटा शहर में एक बार फिर बड़ी संख्या में प्रवासी पहुंचने लगे हैं। गुरुवार को हजारों लोग मोरक्को की ओर से समुद्र और जमीन के रास्ते स्यूटा में घुसने की कोशिश करते दिखाई दिए। हालात को देखते हुए स्पेन सरकार ने वहां पुलिस की मदद के लिए सेना के जवान भी तैनात कर दिए हैं।
हजारों प्रवासियों की घुसपैठ
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक ही दिन में करीब 2,000 से 3,000 लोग स्यूटा में दाखिल हुए। कई लोग समुद्र तैरकर पहुंचे, जबकि कुछ ने सीमा पर लगे गेट और बाड़ को पार करने की कोशिश की। इस दौरान कई जगह अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ प्रवासी स्पेन में पहुंचने की खुशी में नारे भी लगाते नजर आए। मोरक्को की ओर से भी सुरक्षा बलों ने लोगों को रोकने की कोशिश की। फनीडेक इलाके में पुलिस ने पानी की तेज बौछारें छोड़कर भीड़ को पीछे हटाने का प्रयास किया। इसके बावजूद कई लोग किसी तरह सीमा पार करने में सफल रहे। प्रवासियों का कहना है कि वे बेहतर जीवन और रोजगार की तलाश में अपनी जान जोखिम में डालकर यह सफर कर रहे हैं।
स्थिति को गंभीर मानते हुए स्पेन ने मुख्य भूमि से अतिरिक्त पुलिसकर्मी और सैनिक स्यूटा भेजे हैं। वहीं, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने भी हालात का जायजा लेने के लिए स्यूटा जाने का फैसला किया है। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को आपात स्थिति बताते हुए सरकार से तुरंत मदद मांगी है। इस बीच, कई दुकानदारों ने सुरक्षा कारणों से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। उनका कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ के कारण कानून-व्यवस्था बिगड़ने का डर है। विपक्षी दलों ने भी सरकार की प्रवासन नीति की आलोचना करते हुए कहा कि इससे देश में अवैध प्रवास बढ़ सकता है। स्यूटा और मेलिला यूरोप और अफ्रीका के बीच स्थित स्पेन के दो महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्र हैं। यहां समय-समय पर बड़ी संख्या में प्रवासी यूरोप में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक गरीबी, बेरोजगारी और संघर्ष जैसी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक इस तरह के प्रवासन संकट बार-बार सामने आते रहेंगे। ऐसे में स्पेन और मोरक्को दोनों को मिलकर सीमा सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय समाधान पर भी काम करना होगा।











