अमेरिका से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दफ्तर व्हाइट हाउस के पास आज (रविवार को) गोलीबारी की वारदात हुई है। कहा जा रहा है कि जिस वक्त ये वारदात हुई उस दौरान ट्रंप व्हाइट हाउस में ही थे और ईरान के मुद्दे पर अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।
क्या है पूरा मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप उस समय ओवल ऑफिस में मौजूद थे। घटना के बाद मीडिया कर्मियों को प्रेस ब्रीफिंग रूम में ले जाया गया। एक एबीसी न्यूज पत्रकार सेलिना वांग ने बताया कि वे नॉर्थ लॉन पर वीडियो बना रहे थे तभी अचानक दर्जनों गोलियों की आवाजें आईं। सबको तेजी से अंदर भागना पड़ा।
जैसे ही गोलीबारी की आवाजें आईं, सुरक्षा बलों ने तुरंत एक्शन लिया। पुलिस और फेडरल एजेंट्स पूरे इलाके में फैल गए। एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल ने कहा कि एफबीआई मौके पर है और सीक्रेट सर्विस का सहयोग कर रही है। उन्होंने आगे जानकारी देने का वादा किया।
ट्रंप की ईरान से जुड़ी बातचीत
इस घटना से ठीक पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि वे व्हाइट हाउस में हैं और ईरान के साथ अंतिम समझौते की तैयारी चल रही है। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, यूएई के मोहम्मद बिन जायद, कतर के अमीर तमीम बिन हमाद, पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला और बहरीन के किंग हमाद के साथ अच्छी बातचीत हुई।
ये सभी नेता ईरान से जुड़े शांति समझौते और मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर चर्चा कर रहे थे। ट्रंप ने कहा कि समझौता लगभग तैयार हो चुका है। इसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने का भी प्रावधान है। ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी अलग से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि वो बातचीत भी अच्छी रही। समझौते के आखिरी पहलुओं पर अभी चर्चा चल रही है और जल्द ही इसे सार्वजनिक किया जाएगा।
अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं
व्हाइट हाउस के आसपास सुरक्षा हमेशा कड़ी रहती है। इस बार गोलीबारी की रिपोर्ट के बाद और ज्यादा सख्ती बरती गई। अभी तक किसी के घायल होने या गिरफ्तारी की कोई पुष्टि नहीं हुई है। एजेंसियां जांच कर रही हैं कि गोलीबारी कहां से और क्यों हुई। ये घटना ऐसे समय हुई जब ट्रंप ईरान के साथ शांति वार्ता पर फोकस कर रहे थे। दुनिया भर में इस समझौते को लेकर चर्चा चल रही है क्योंकि इससे मध्य पूर्व के तनाव में कमी आने की उम्मीद है।
















