खाड़ी युद्ध का अंत हो गया है। अमेरिका और ईरान के बीच 4 माह के बाद शांति समझौता हो गया है। इस समझौते के होते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में काफी गिरावट आई है। इसके चलते पेट्रोल, डीजल और LPG के दाम भी घट सकते हैं। यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े ऐलान के बाद हुई है।
तेल की कीमतों में गिरावट
रविवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दामों में तेजी से कमी देखी गई। ब्रेंट क्रूड 3.9 प्रतिशत गिरकर 84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं US क्रूड 4.8 प्रतिशत गिरकर करीब 81 डॉलर प्रति बैरल हो गया।यह गिरावट ट्रंप के उस बयान के बाद आई जिसमें उन्होंने ईरान के साथ समझौते की बात कही। उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता पूरा हो गया है और होर्मुज जलडमरूमध्य अब बिना किसी टोल या शुल्क के खोल दिया जाएगा।
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ट्रंप का पूरा बयान
ट्रंप ने लिखा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। मैं इसके जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के खोलने की पूरी मंजूरी देता हूं। साथ ही, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने का आदेश भी देता हूं। दुनिया भर के जहाज अपने इंजन चालू करें और तेल का प्रवाह शुरू होने दें।”
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल व्यापार का एक बहुत अहम रास्ता है। यहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल शिपमेंट गुजरता है। फरवरी के आखिर में शुरू हुए तनाव के बाद यह रास्ता बंद रहा था। ईरान के एक सांसद के अनुसार, कुछ कमर्शियल जहाज इस रास्ते से गुजरने के लिए औसतन करीब 2 मिलियन डॉलर का भुगतान करते थे।
जानकारों का कहना था कि अगर यह रुकावट बनी रही तो तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास या उससे भी ऊपर जा सकती थीं। इससे अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती थीं। यही वजह थी कि दुनिया भर में जल्द समझौते की कोशिश चल रही थी।
19 जून को साइन होंगे समझौते
ट्रंप का यह ऐलान उनके 80वें जन्मदिन के मौके पर व्हाइट हाउस में होने वाले UFC इवेंट से कुछ घंटे पहले आया। यह घटनाक्रम पाकिस्तान समेत कई देशों के मध्यस्थों की कई दिनों की कूटनीतिक कोशिशों के बाद हुआ। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच गहन बातचीत के बाद शांति समझौते पर सहमति बन गई है। दोनों पक्ष लेबनान समेत सभी जगहों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और हमेशा के लिए रोकने पर सहमत हो गए हैं। इस समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे।
क्या असर पड़ेगा
कच्चे तेल की कीमतों में आई इस गिरावट के बाद भारत में पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। आम लोगों को ईंधन और रसोई गैस पर खर्च कम करने में फायदा हो सकता है।















