आगामी 24 मई को दिल्ली के लालकिला मैदान में ‘जनजाति सांस्कृतिक समागम’ आयोजित होगा। समागम से पहले दिल्ली के पांच स्थानों से पांच शोभायात्राएं निकलेंगी। इनमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए जनजाति समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में अपनी संस्कृति और परम्परा का दर्शन कराएंगे। ये शोभात्राएं जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करेंगी।
शोभायात्राएं लालकिले पर आकर एकत्रित होंगी, जहां जनसभा का आयोजन होगा। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस समागम के मुख्य अतिथि होंगे केंद्रीय गृृहमंत्री श्री अमित शाह। यह जानकारी जनजाति सुरक्षा मंच राष्ट्रीय सह संयोजक डॉ. राजकिशोर हांसदा ने 11 मई को दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में दी।

उन्होंने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा भारत में स्वतंत्रता, सांस्कृतिक अस्मिता और सामुदायिक चेतना के प्रतीक हैं। यह समागम एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय आयोजन के रूप में परिकल्पित है। समागम में देशभर की 500 से अधिक जनजातियों के डेढ़ लाख लोग उपस्थित रहने वाले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ये सभी लोग स्वयं के खर्च से दिल्ली आ रहे हैं।
जनजाति सुरक्षा मंच की राष्ट्रीय टोली के सदस्य और पूर्व न्यायाधीश प्रकाश उईके ने बताया कि सांस्कृतिक समागम का मुख्य विचार सूत्र होगा-‘तू मैं-एक रक्त, वनवासी–ग्रामवासी-नगरवासी, हम सब भारतवासी।’ उन्होंने बताया कि समागम के प्रमुख उद्देश्य हैं-भगवान बिरसा मुंडा की विरासत को याद करना, जनजतियों की समृद्ध सांस्कृतिक एवं गौरवशाली परंपरा का स्मरण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और संवाद के लिए एक राष्ट्रीय मंच सामाजिक समरसता के भाव को सुदृढ़ करना। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक समागम के निमित्त सुदूर वनों-पर्वतों में निवास करने वाले वनवासी बंधुओं को जानने का, उनका स्वागत करने का अवसर पहली बार दिल्ली के नागरिकों को मिल रहा है।

















