पुणे (महाराष्ट्र) । पुणे में 4 साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या की वीभत्स घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य अपराध के विरोध में शनिवार शाम को सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और मुंबई-बेंगलुरु हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पीड़िता के शव को ‘नवाले ब्रिज’ पर रखकर आरोपी के लिए तत्काल फांसी की मांग की।
पुणे दरिंदगी : खाने का लालच देकर मवेशियों के बाड़े में ले गया 65 साल का आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किया गया 65 वर्षीय आरोपी एक मजदूर है और उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। आरोपी ने मासूम बच्ची को खाना खिलाने का लालच दिया और उसे फुसलाकर एक सुनसान मवेशी बाड़े में ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न (यौन शोषण) किया और फिर पहचान छुपाने के लिए उसकी निर्मम हत्या कर दी।
CCTV फुटेज ने खोला राज : आरोपी 7 मई तक पुलिस हिरासत में
बच्ची के लापता होने के बाद परिजनों ने जब खोजबीन शुरू की, तो पास के एक निजी आवास के CCTV फुटेज में आरोपी बच्ची को साथ ले जाते हुए दिखाई दिया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। कोर्ट ने उसे 7 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
“मानवता पर कलंक” : उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने की मुलाकात
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने इस घटना को “चौंकाने वाला” और “मानवता पर कलंक” करार दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी ताकि जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
CM और गृहमंत्री के कड़े निर्देश : फांसी की सजा की मांग
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री शिंदे ने पुणे ग्रामीण पुलिस को निर्देश दिए हैं कि-
- केस को बेहद मजबूत बनाया जाए और पुख्ता सबूत जुटाए जाएं।
- मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए।
- आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा यानी फांसी की सजा दिलाने के लिए पैरवी की जाए।
शनिवार देर रात कड़ी सुरक्षा के बीच वैकुंठ श्मशान घाट में बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। फिलहाल तनाव को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है।

















