कोलकाता । पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला कोलकाता के बेहाला और जादवपुर इलाके का है, जहां टीएमसी (TMC) और बीजेपी-आरएसएस (RSS) कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं। इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
‘जय बंगला’ न बोलने पर RSS कार्यकर्ताओं की पिटाई, पुलिस पर गंभीर आरोप
बेहाला इलाके में टीएमसी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगा है कि उन्होंने आरएसएस के दो सक्रिय कार्यकर्ताओं समेत 5 लोगों की बेरहमी से पिटाई की। पीड़ित पक्ष के अनुसार, हमलावरों ने उन्हें ‘जय बंगला’ बोलने के लिए मजबूर किया और इनकार करने पर हमला कर दिया।
पीड़ितों की पहचान प्रसनजीत और अभिजीत (दोनों भाई) के रूप में हुई है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय टीएमसी समर्थकों की ओर से की गई शिकायत के आधार पर दोनों भाइयों सहित 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
जादवपुर : बीजेपी एजेंट के ऑफिस और गाड़ी में तोड़फोड़
हिंसा की दूसरी बड़ी घटना कोलकाता की जादवपुर विधानसभा के अंतर्गत गरिया (पंचशायर) में सामने आई। यहां 153 नंबर बूथ के बीजेपी एजेंट शांतनु सरकार के ऑफिस और उनकी गाड़ी को निशाना बनाया गया।
- भीड़ का हमला : प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब 50-60 लोगों की भीड़ अचानक ऑफिस में घुसी।
- CCTV नष्ट किए : हमलावरों ने साक्ष्यों को मिटाने के लिए सबसे पहले सीसीटीवी कैमरे तोड़े और फिर जमकर तोड़फोड़ की।
- परिजनों को धमकी : इस दौरान बीजेपी एजेंट की पत्नी को भी डराया-धमकाया गया। इसके अलावा पास ही रहने वाले एक अन्य बीजेपी कार्यकर्ता प्रशांत घोष के घर पर भी हमला हुआ।
हालांकि, स्थानीय टीएमसी पार्षद अनन्या बनर्जी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें निराधार बताया है।
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