रियाद / सना। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी भीषण तनाव के बीच यमन के हूती समूह ने सऊदी अरब पर बड़ा मिसाइल और ड्रोन हमला किया है. इस हमले में सऊदी अरब के प्रमुख औद्योगिक शहर जिजान (Jizan) को निशाना बनाया गया, जहां जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं. हमले के कारण जिजान स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) से जुड़ी एक अहम सुविधा पर सीधा खतरा मंडरा गया है, जिससे कई इलाकों में व्यापक रूप से बिजली गुल हो गई है.
अरब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यमनी जवाबी हमलों का असर सऊदी अरब के जिजान, यानबू और दमाद जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में देखा गया है. हमलों की भयावहता को देखते हुए ‘सऊदी सिविल डिफेंस’ ने यानबू प्रांत में ‘नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म’ के जरिए आपातकालीन रेड अलर्ट (Emergency Alert) जारी किया है.
होदेइदा पर सऊदी एयरस्ट्राइक का हूती ने दिया करारा जवाब
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच जारी क्षेत्रीय तनाव के बीच सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के मध्य संघर्ष एक बार फिर गहरा गया है. शुक्रवार देर रात सऊदी अरब ने यमन के हूती नियंत्रित तटीय शहर होदेइदा (Hodeidah) पर हवाई हमले किए थे.
हूती सरकार के अल-मसीरा टीवी के अनुसार, सऊदी हमलों में होदेइदा स्थित दूरसंचार प्राधिकरण की इमारतों और कमरान द्वीप को निशाना बनाया गया था, जिसमें एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी. इसके बाद हूती विदेश मंत्रालय ने चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि सऊदी अरब को इस हिमाकत की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.
संघर्ष से जुड़े मुख्य बिंदु:
- निशाने पर अरामको: जिजान औद्योगिक शहर में अरामको से जुड़े तेल ठिकाने पर मिसाइल स्ट्राइक.
- प्रभावित क्षेत्र: जिजान, यानबू और दमाद इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित; आपातकालीन अलर्ट जारी.
- हवाई हमला: सऊदी अरब द्वारा होदेइदा के टेलीकॉम सेंटर पर बमबारी के जवाब में हूती की बड़ी कार्रवाई.
लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर हमला; 2022 का अनौपचारिक संघर्षविराम टूटा
इससे पहले बुधवार को भी हूती समूह ने दावा किया था कि उसने लाल सागर (Red Sea) में गुजर रहे सऊदी तेल टैंकरों को ड्रोन और गाइडेड मिसाइलों से निशाना बनाया, जिससे कम से कम एक वाणिज्यिक जहाज को भारी नुकसान पहुंचा.
हूती विद्रोहियों के अनुसार, यह समुद्री कार्रवाई 20 जुलाई को घोषित नाकेबंदी का हिस्सा थी, जो सना (Sanaa) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले के जवाब में शुरू की गई थी. उल्लेखनीय है कि सना एयरपोर्ट पर हमले की जिम्मेदारी सऊदी समर्थित यमनी सरकार ने ली थी.
सऊदी अरब और यमन के हूती समूह के बीच वर्ष 2022 से चला आ रहा अनौपचारिक संघर्षविराम (Ceasefire) अब पूरी तरह टूटता नजर आ रहा है। इस नए सैन्य टकराव से लाल सागर के वैश्विक व्यापारिक जलमार्ग पर वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं चरम पर पहुंच गई हैं।











