नई दिल्ली/महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के मीरा रोड स्थित नया नगर इलाके में दो हिंदू सिक्योरिटी गार्ड्स पर चाकू से हमले के मामले में नये खुलासे हो रहे हैं। आरोपी जुबैर अंसारी से पूछताछ में महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) को चौंकाने वाली बातें पता चली हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि 31 साल के आरोपी जैब ज़ुबैर अंसारी ने इस घटना के बाद भागने के बजाय एक सुनियोजित पैटर्न अपनाया। इससे यह आशंका गहरा गई है कि वह खुद को लोन वुल्फ आतंकी नैरेटिव से जोड़ने की कोशिश कर रहा था।
घर लौटकर धोया चाकू और पहने आतंकी संगठन ISIS वाले कपड़े
सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि आरोपी जुबैर अंसारी दो हिंदू सिक्योरिटी गार्ड्स पर चाकू से हमला करने के बाद सीधे अपने घर लौटा। उसका घर हमले की जगह से महज 100 मीटर की दूरी पर है। यहां आरोपी जुबैर अंसारी ने उस चाकू को धोया जिससे उनसे दो हिंदू सिक्योरिटी गार्ड्स पर हमला किया था। उसने अपने खून से सने कपड़े बदले और फिर आतंकी संगठन आईएसआईएस की तरह काले रंग के कपड़े पहन लिए।
अब जांच एजेंसी ATS इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या उसके काले रंग के कपड़े पहनना मात्र एक संयोग था या फिर इसके पीछे उसका कोई ऐसा इरादा छिपा हुआ था जो कि इस्लामिक कट्टरवाद से जुड़ा हुआ है। यह भी हो सकता है कि उसने काले रंग के कपड़े आईएसआईएस आतंकी संगठन की विचारधारा के साथ अपने जुड़ाव को प्रदर्शित करने के लिए पहने हो। आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) अपने प्रचार के लिए काले रंग के कपड़े पहनता है। यह आतंकी संगठन भी हर वारदात के बाद अपने प्रचार वीडियो संदेश में ऐसे ही कपड़े पहनता है। इसलिए जांच एजेंसियां इस बात की गहराई से जांच कर रही हैं।
क्या हिंदू गार्ड्स पर हमले के बाद जुबैर ने जारी किया था कोई ऑनलाइन वीडियो?
अधिकारियों को शक है कि आरोपी जुबैर अंसारी हमले के बाद वीडियो रिकॉर्ड कर उसे ऑनलाइन जारी करने की तैयारी में था। वह यह इसलिए करना चाहता था ताकि वारदात को ब्रांड कर उसे वैश्विक जिहादी नैरेटिव से जोड़ा जा सके। यह भी कहा जा रहा है कि इस वारदात के बाद आरोपी जुबैर अंसारी खुद चाहता था कि उसे आईएसआईएस की विचारधारा से जोड़कर पेश किया जाए। वह इस आतंकी संगठन के प्रचार तंत्र की नकल कर रहा था। हालांकि इस मामले में फौरन कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे कुछ ही घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया था।
गिरफ्तारी से पहले फॉर्मेट कर दिया था फोन
पुलिस ने आरोपी के घर से वारदात में इस्तेमाल चाकू और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। जिन्हें ATS को सौंपा गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तारी से ठीक पहले आरोपी जुबैर अंसारी ने अपना मोबाइल फोन फॉर्मेट कर दिया था। उसने डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश की थी। उसका दूसरा मोबाइल गायब बताया जा रहा है। जांच अधिकारियों को शक है कि गिरफ्तारी से पहले उसने अपने फोन को कहीं फेंक दिया हो। आरोपी जुबैर के पास से बरामद लैपटॉप और फॉर्मेट किए गए मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इनसे डिलीट डाटा को रिकवर किया जाएगा।
जुबैर के पीछे कौन-कौन….इसकी भी हो रही है जांच
यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी जुबैर अंसारी के साथ और कौन-कौन था? क्या वह किसी नेटवर्क के साथ जुड़कर काम कर रहा था या फिर अकेले ही। इसके साथ ही उसके आईएसआईएस से जुड़े होने के संदेह की भी गहराई से जांच हो रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी जैबर में गंभीर मानसिक अस्थिरता देखने को मिल रही है। वह बार-बार हाथ धोने और नहाने की मांग कर रहा है। इससे पहले उसे क्राइम सीन री-कंस्ट्रक्शन के लिए घटनास्थल पर ले जाया गया था। ATS और NIA अब इस पूरे मामले में ऑनलाइन कट्टरपंथी नेटवर्क, डिजिटल प्रचार तंत्र और आरोपी के संभावित आतंकी लिंक की जांच कर रही हैं।
क्या है यह पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक आरोपी ज़ुबैर पहले मौके पर पहुंचा और मस्जिद का रास्ता पूछकर वहां से चला गया। कुछ देर बाद वह फिर लौटा और इस बार उसने हिंदू गार्ड से उसका धर्म पूछा और फिर कलमा पढ़ने को कहा। हिंदू गार्ड ने जब इससे मना कर दिया तो आरोपी जुबैर ने उसपर चाकू से हमला कर दिया। फिर वह सिक्योरिटी केबिन में घुसा जहां मौजूद दूसरे गार्ड पर भी उसने चाकू से हमला किया।

















