पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव ने इंडी गठबंधन की पोल खोल कर रख दी है. इस गठबंधन में केवल दलदल है, इसकी असलियत पश्चिम बंगाल चुनाव में देखने को मिल गई है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इंडी गठबंधन के सदस्यों ने आपस में एक-दूसरे के खिलाफ सिर्फ चुनाव ही नहीं लड़ा बल्कि करारा प्रहार भी किया. कांग्रेस पार्टी के नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा से अधिक अपने इंडी गठबंधन के सहयोगी दल तृणमूल कांग्रेस को निशाने पर रखा.
इंडी गठबंधन में ‘दलदल’ : बंगाल चुनाव ने खोली आपसी एकता की पोल
राहुल गांधी ने वाम दलों को भी निशाने पर लिया है मगर ममता बनर्जी पर भाजपा से भी अधिक करारा प्रहार करके अपनी कुंठा को प्रदर्शित किया है.
राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को शक है कि ममता बनर्जी के चुनाव जीतने की स्थिति में इंडी गठबंधन में कांग्रेस पार्टी महत्वहीन हो जाएगी और सभी दल ममता बनर्जी को अपना नेता मान लेंगे. कांग्रेस असम के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के पार्टी छोड़कर भाजपा में मिलने के कारण ऐसे ही काफी परेशान है और उसे डर हैं कि बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की जीत के बाद पार्टी के अंदर सांसदों का एक बड़ा गुट पार्टी के अंदर राहुल को नेता पद से हटाने की मांग कर सकता है.
कांग्रेस के इन सांसदों का ममता बनर्जी के जीत के बाद अपनी पार्टी नेतृत्व पर विश्वास डगमगा जाएगा.
ममता की जीत और कांग्रेस का डर : क्या राहुल गांधी का नेतृत्व खतरे में है?
इस चुनावी दौर के बाद इंडी गठबंधन तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, अरविन्द केजरीवाल सहित कई अन्य नेता इंडी गठबंधन के अलग अपना एक गुट बना सकते हैं क्योंकि इन दलों को भाजपा या अन्य किसी दल से अधिक ख़तरा कांग्रेस पार्टी से ही है.
बिहार चुनाव-2025: लालू युग के जंगलराज से मोदी-नीतीश के आत्मविश्वास तक बिहार की शिक्षा व्यवस्था
बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने अपनी ताकत से बहुत अधिक 61 सीट राजद से झटक कर चुनाव लड़ी और महज 6 सीट जीती. बिहार में एनडीए का 2010 के बाद सबसे अच्छा प्रदर्शन 2025 में इसी कारण से हुआ है.
बिहार में इतना उम्दा प्रदर्शन की उम्मीद एनडीए के नेताओं को भी नहीं थी. कांग्रेस पार्टी ने राजद और तेजस्वी यादव को अच्छे से प्रचार भी नहीं करने दिया. चुनाव बाद राजद के कई नेताओं ने राजद को कांग्रेस से अलग अकेले लड़ने की सलाह दी.
बिहार से जम्मू-कश्मीर तक : कांग्रेस की ‘विफलता’ और क्षेत्रीय दलों का विद्रोह
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में नेशनल कांफ्रेंस ने कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन किया था और 38 सीट खासकर जम्मू संभाग में दिया मगर कांग्रेस पार्टी महज छह सीट ही जीत सकी. चुनाव बाद सरकार गठन में नेशनल कांफ्रेंस ने निर्दलीय को मंत्रिमंडल का हिस्सा बनाया मगर कांग्रेस को मौका नहीं दिया.
नेशनल कांफ्रेंस सुप्रीमो फ़ारुक़ अब्दुल्ला ने बीच चुनाव राहुल गांधी को अपने उम्मीदवारों के लिए जम्मू संभाग में प्रचार करने के बदले कश्मीर संभाग में प्रचार करने के लिए आश्चर्य व्यक्त किया था और उन्हें जम्मू संभाग में प्रचार करने का सलाह दी थी. ऐसी कड़ी टिप्पणी राहुल गांधी पर अन्य किसी इंडी गठबंधन के नेता ने नहीं की थी.
अब्दुल्ला के अनुसार राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से कश्मीर संभाग में नेशनल कांफ्रेंस के संभावित अच्छे प्रदर्शन में अपनी गैर जरूरी भूमिका खोज रहे थे.
बंगाल चुनाव में इंडी गठबंधन की हकीकत उजागर, एक-दूसरे का कर रहे विरोध
दिल्ली और हरियाणा में गठबंधन की स्थिति
कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप के साथ गठबंधन नहीं किया तब जबकि 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव और 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी शून्य सीट प्राप्त की थी. कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा में भी आप के साथ गठबंधन नहीं किया था. इंडी गठबधन दलों को इसका अवसाद है कि अगर कांग्रेस पार्टी आप के साथ हरियाणा में चुनाव लड़ती तो भाजपा को कड़ी टक्कर दी जा सकती थी.
यूपी 2027 का समीकरण : क्या अखिलेश यादव चुनेंगे नया रास्ता?
2027 के आरम्भ में उत्तर प्रदेश का विधानसभा का चुनाव है. अभी यहां कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का गठबंधन है. मगर कांग्रेस पार्टी के बदलते रुख के कारण अब अखिलेश यादव कांग्रेस पार्टी के साथ चुनाव लड़ने पर मंथन की स्थिति में हैं. अखिलेश बिना कांग्रेस पार्टी ओवैसी, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव के साथ चुनावी गठबंधन की समीक्षा अंदर ही अंदर कर रहे हैं.
2024 के लोकसभा के चुनाव में ममता बनर्जी का 2027 में मदद के लिहाज से ही अखिलेश यादव ने भदोही लोकसभा की सीट तृणमूल कांग्रेस को दी थी. इसके अलावे 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी का अनुसरण करते हुए आम आदमी पार्टी का समर्थन किया था.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तेजस्वी, हेमंत सोरेन, अरविन्द केजरीवाल और अखिलेश यादव ने कांग्रेस पार्टी को पूर्णतः नज़रअंदाज करते हुए तृणमूल कांग्रेस पार्टी का समर्थन किया है.

















