महाराष्ट्र के नासिक से सामने आया कॉर्पोरेट जिहाद का मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े आरोपों ने न सिर्फ कॉर्पोरेट जगत को झकझोर दिया है, बल्कि इसके बाद कई अन्य कंपनियों से जुड़े पुराने और नए विवाद भी सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगे हैं। आइए ऐसी ही कुछ घटनाओं पर नजर डालते हैं-
यह मामला 25 मार्च 2026 को सामने आया, जब एक युवती ने नासिक के देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, 2022 से 2026 के बीच उसके साथ काम करने वाले कुछ सहकर्मियों ने उसके धर्म का मजाक उड़ाया। उसने एक पुरुष सहकर्मी पर दुष्कर्म का भी आरोप लगाया। शिकायत के बाद मामला तेज़ी से बढ़ा और 3 अप्रैल, 2026 तक कुल नौ FIR दर्ज की गईं। इनमें से आठ FIR हिंदू महिलाओं ने और एक पुरुष कर्मचारी ने दर्ज कराई थी। आरोपों में यौन उत्पीड़न, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना और धार्मिक गतिविधियों में जबरदस्ती शामिल होना शामिल था। शिकायतों में क्या-क्या आरोप लगे-

पीड़ितों ने कई गंभीर आरोप लगाए- महिलाओं को जबरन नमाज पढ़ने के लिए कहा गया, गोमांस खाने के लिए दबाव बनाया गया, धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक दबाव डाला गया,बुर्का पहनने और रमजान के रोजे रखने के लिए मजबूर किया गया, इंटरव्यू के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को निशाना बनाया गया। एक पुरुष शिकायतकर्ता ने भी आरोप लगाया कि उसकी धार्मिक मान्यताओं का मजाक उड़ाया गया और उसे दूसरे धर्म की पूजा करने के लिए कहा गया। पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 12 अप्रैल 2026 को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि आरोपित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
लेंसकार्ट विवाद: ग्रूमिंग पॉलिसी पर सवाल
TCS मामले के बीच 14 अप्रैल 2026 को आईवियर कंपनी Lenskart भी विवादों में आ गई। सोशल मीडिया पर कंपनी का एक पुराना ट्रेनिंग दस्तावेज वायरल हुआ, जिसमें कर्मचारियों के लिए ग्रूमिंग और यूनिफॉर्म से जुड़े नियम बताए गए थे। इस दस्तावेज के कुछ हिस्सों को लेकर आरोप लगाया गया कि वे एक धर्म विशेष के खिलाफ हैं। क्या लिखा था दस्तावेज में-
Hijab – Ok ✅
Turban – Only Black – Ok ✅⁉️
Kalawa – Not Ok🚫
Stone Rings – Not Ok 🚫
Bindi – Not Ok 🚫Lenskart for you! pic.twitter.com/xYYNPEqvhH
— The Jaipur Dialogues (@JaipurDialogues) April 15, 2026
कर्मचारियों को बिंदी और कलावा पहनने की अनुमति नहीं,धार्मिक धागे और कलाई बैंड हटाने का निर्देश, हिजाब और पगड़ी की अनुमति, लेकिन एक निश्चित रंग में, इसके अलावा सिंदूर लगाने को लेकर भी सीमित उपयोग की बात कही गई थी। पीयूष बंसल ने सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए कहा कि यह दस्तावेज पुराना है और वर्तमान नीति को नहीं दर्शाता। उन्होंने इस भ्रम के लिए माफी भी मांगी।
टेक महिंद्रा मामला
12 अप्रैल 2026 को Tech Mahindra भी विवादों में आ गई, जब एक महिला कर्मचारी का सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हुआ। इस पोस्ट में महिला ने कंपनी के एक BPO यूनिट में धार्मिक आधार पर पक्षपात और अलग माहौल होने का दावा किया। उसने रमजान के दौरान विशेष सुविधाओं और इफ्तार पार्टियों का भी जिक्र किया।
Received a concerning message from an employee at a Tech Mahindra BPO in Goregaon, alleging biased hiring practices, unequal workplace policies, and religious favoritism during festivals.
If true, this raises serious questions about corporate neutrality and fair work culture.… pic.twitter.com/r7bRimczzk
— ADV. ASHUTOSH J. DUBEY 🇮🇳 (@AdvAshutoshBJP) April 12, 2026
TCS के अन्य शहरों से जुड़े दावे
Now news from TCS Kolkata.
Same conversion gang operating there!Hello @TCS what exactly is your business model? Conversions ? @NIA_India @HMOIndia please note.
Image was Shared with me by @MeriJaanBharat pic.twitter.com/ymd10Gm7wS
— Monidipa Bose – Dey (মণিদীপা) (@monidipadey) April 17, 2026
नासिक मामले के बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े चेन्नई और कोलकाता कार्यालयों को लेकर सोशल मीडिया पर कई नए दावे सामने आए हैं, जिनकी वजह से मामला और चर्चा में आ गया है। 17 अप्रैल 2026 को कोलकाता ऑफिस से जुड़ा एक पोस्ट तेजी से वायरल हुआ। इसमें एक यूजर ने अपनी पहचान गुप्त रखते हुए दावा किया कि टीसीएस गीताांजलि शाखा में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने हाल ही में धर्म परिवर्तन किया था, जिसके बाद वह अचानक लापता हो गई। पोस्ट में यह भी कहा गया कि उसी समय के आसपास कोलकाता की ही एक अन्य आईटी कंपनी में भी एक महिला के साथ मिलती-जुलती घटना सामने आई। पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने अपनी पहचान सार्वजनिक न करने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें आशंका है कि यदि वे औपचारिक शिकायत दर्ज करते हैं, तो उनके खिलाफ ही कार्रवाई की जा सकती है।
Surf Excel विवाद
11 मार्च 2019 को Hindustan Unilever के डिटर्जेंट ब्रांड Surf Excel का एक विज्ञापन सामने आया, जिसने देखते ही देखते सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। इस विज्ञापन में एक छोटी बच्ची को दिखाया गया, जो होली के दौरान एक मुस्लिम लड़के को रंगों से बचाते हुए उसके साथ चलती है, ताकि वह साफ कपड़ों में नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद पहुंच सके।

इस विज्ञापन की जमकर आलोचना हुई। उनका तर्क था कि इसमें होली जैसे त्योहार को एक ऐसे रूप में दिखाया गया है, जिससे एक समुदाय को असुविधा होती है, जबकि दूसरे समुदाय की धार्मिक गतिविधियों को ज्यादा महत्व दिया गया। मामला इतना बढ़ गया कि X पर #BoycottSurfExcel ट्रेंड करने लगा और कई लोगों ने कंपनी से विज्ञापन वापस लेने की मांग की। इसके बावजूद, Hindustan Unilever ने अपने अभियान में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया और विज्ञापन अपने मूल संदेश के साथ बना रहा।
HDFC Bank विवाद
17 अक्टूबर 2023 को HDFC Bank से जुड़ा एक विज्ञापन विवादों में आ गया। यह विवाद उस समय उभरा, जब देशभर में नवरात्रि जैसे प्रमुख हिंदू त्योहार मनाए जा रहे थे। विज्ञापन ‘विजिल आंटी’ अभियान का हिस्सा बताया गया, जिसमें एक महिला को बिंदी के साथ दिखाया गया था। हालांकि, इस बिंदी को एक ‘निषेध चिन्ह’ (prohibition sign) के रूप में डिजाइन किया गया था। यही डिजाइन कई लोगों के लिए आपत्तिजनक बन गया।
Hello @HDFC_Bank @HDFCBank_Cares, the bindi has a sacred significance for Hindus. Your depiction of a woman sporting a bindi designed as the universal prohibition sign i.e. 'no' symbol, is deeply offensive and utterly distasteful.
For an 'Indian' bank to do this when Hindus are… pic.twitter.com/YyL3rUnDpU
— HinduPost (@hindupost) October 16, 2023
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे “#NoBindi” अभियान से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि यह हिंदू परंपराओं के खिलाफ संदेश देता है। लोगों का मानना था कि बिंदी केवल एक सजावट नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का प्रतीक है, और उसे ‘निषेध’ के रूप में दिखाना संवेदनशीलता की कमी दर्शाता है। इसी दौरान, HDFC Bank का एक अन्य विज्ञापन भी चर्चा में आया, जो ईद के अवसर से जुड़ा था। इसमें इबादत और सजदे के जरिए मन्नत पूरी होने का संदेश दिखाया गया था। इन दोनों विज्ञापनों की तुलना करते हुए कुछ लोगों ने बैंक पर वैचारिक पक्षपात के आरोप लगाए। उनका कहना था कि एक ओर हिंदू प्रतीकों को नकारात्मक रूप में दिखाया गया, जबकि दूसरी ओर दूसरे धर्म के प्रतीकों को सकारात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया।
FabIndia विवाद
20 अक्टूबर 2021 को FabIndia ने दिवाली के मौके पर “जश्न-ए-रिवाज” नाम से एक नया कैंपेन लॉन्च किया। यह नाम सामने आते ही सोशल मीडिया पर विवाद का कारण बन गया। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि दिवाली जैसे प्रमुख हिंदू त्योहार के लिए उर्दू-प्रभावित नाम क्यों चुना गया। विवाद तेजी से बढ़ा और कंपनी को आलोचना का सामना करना पड़ा। FabIndia ने अपना यह कैंपेन वापस ले लिया। इस विवाद के दौरान कंपनी के डिजिटल पार्टनर Zeno Group India की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए।
TCS में तबरेज मोहम्मद लोगों पर धर्मांतरण का दबाव डालता था
https://twitter.com/TheSquind/status/2044679781271417199?s=20
14 अप्रैल, 2026 को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़ा एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक यूजर ने कंपनी के एक कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए। पोस्ट के मुताबिक, चेन्नई में TCS ऑफिस में काम करने वाले तबरेज़ मोहम्मद नाम के एक व्यक्ति पर आरोप है कि वह अपने साथ काम करने वालों पर इस्लाम मत अपनाने का दबाव डाल रहा है। यूजर ने दावा किया कि वह इस मामले में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहा था, लेकिन अभी तक हिम्मत नहीं जुटा पाया है। आरोप में यह भी कहा गया है कि तबरेज मोहम्मद अभी TCS के कॉर्पोरेट डिपार्टमेंट में काम करता है, और उसके मैनेजर का नाम मोहम्मद मुस्तफा है। पोस्ट में 2016 की एक घटना का भी ज़िक्र है, जिसमें तबरेज मोहम्मद ने चेन्नई ऑफिस के पास एक नई मस्जिद में लगभग 1,000 लोगों के साथ इस्लाम मत अपना लिया था। उस समय उसका नाम दिवाकर (35) बताया गया था।
तनिष्क ज्वेलरी ब्रांड विवाद

साल 2020 में Titan Company Limited के ज्वैलरी ब्रांड Tanishq का एक विज्ञापन सोशल मीडिया पर बड़े विवाद का कारण बना। इस विज्ञापन में एक अंतरधार्मिक परिवार की झलक दिखाई गई थी, जिसमें एक मुस्लिम सास अपनी हिंदू बहू के लिए पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार गोद भराई (बेबी शॉवर) का आयोजन करती नजर आती है। सोशल मीडिया पर इसको लेकर काफी बहस हुई और कई लोगों ने ब्रांड का बहिष्कार करने की मांग भी की। X और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इसके खिलाफ अभियान चलाया गया। विवाद बढ़ने पर कंपनी ने यह विज्ञापन अपने यूट्यूब चैनल से हटा लिया।

















