महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस से सामने आए कट्टरपंथियों के कार्पोरेट जिहाद के मामले में हर दिन कुछ न कुछ खुलासे हो रहे हैं। इसी क्रम में कट्टरपंथियों के द्वारा प्रताड़ित और इस्लामिक कन्वर्जन के लिए दबाव बनाए जाने का खुलासा एक पीड़ित हिन्दू कर्मचारी ने किया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसका टीम लीडर तौसीफ अत्तर और दानिश शेख उसे कन्वर्जन के लिए मजबूर कर रहे थे। साथ ही जादू टोना करने की बात कहते थे।
पीड़ित का बयान
पीड़ित का कहना है कि उसने 2022 में टीसीएस के नाशिक बीपीओ ऑफिस में ज्वाइन किया था। उसका कहना है कि वह हिंदू परिवार से है। मार्च 2023 में उसके पिता को स्ट्रोक आया, जिससे पिताजी लकवे की स्थिति में चले गए। साथ ही उसकी पत्नी को बच्चा नहीं हो पा रहा था, भले ही इलाज चल रहा था। इन घरेलू परेशानियों का फायदा उठाते हुए उसके टीम लीडर्स ने उसे मानसिक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया।
हिन्दू देवी-देवताओं को नकली बताया
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि टीम लीडर तौसीफ अत्तर और दानिश शेख मुख्य रूप से इसके पीछे थे। वे पीड़ित को अक्सर कहते, “धर्म बदल लो, तुम्हारा बीमार पापा ठीक हो जाएगा।” वे हिंदू धर्म में कमियां बताते और कहते कि हिंदू देवी-देवता असली नहीं हैं। हिंदू देवताओं के रूप-रंग पर तंज कसते, उनकी आकृति पर मजाक उड़ाते। एक बार उन्होंने महाराष्ट्र के एक महान राजा को मुस्लिम धर्म का गुलाम बताया।
देर रात की शिफ्ट के बाद जब वे होटल जाते तो पीड़ित को नॉन-वेज खाने के लिए मजबूर करते। अगर मना करता तो उसकी धार्मिक भावनाओं का मजाक उड़ाते और नीचा दिखाते। ईद के मौके पर ऑफिस में उसे प्रेयर कैप पहनाई, नमाज पढ़ने को कहा और मीट खिलाया। उसकी फोटो कैप पहने हुए क्लिक करके ग्रुप में शेयर भी की।
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दोस्ती का ढोंग रचकर जादू टोने की सलाह
पीड़ित की व्यक्तिगत समस्याओं के बारे में जानने के बाद आरोपी उससे दोस्ती का ढोंग रचते और काले जादू-टोने की सलाह देते थे। हद तो तब हो गई जब उसकी पत्नी के बच्चा न होने पर तौसीफ ने कहा था, “अगर बच्चा चाहिए तो अपनी पत्नी को मेरे पास भेज दो।” इस बात पर विवाद हुआ तो गुस्से में तौसीफ ने पीड़ित पर टेबल फैन फेंक दिया और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने एचआर (अश्विनी मैडम) को शिकायत की, लेकिन रिपोर्टिंग खराब कर दी गई।
दानिश और तौसीफ के अलावा शाहरुख शेख और रजा मेमन भी इसमें शामिल थे। वे महिला सहकर्मियों के बारे में अश्लील बातें करते, जैसे “यह लड़की वर्जिन नहीं है” या “तुम्हें कौन सी पसंद है, पता करो”। इसी तरह अन्य कर्मचारियों के साथ भी व्यवहार किया जाता था।
फरवरी में पुलिस को मिली थी पहली शिकायत
फरवरी 2026 में एक राजनीतिक कार्यकर्ता की शिकायत पर पुलिस को पहली जानकारी मिली। उसमें एक हिंदू महिला कर्मचारी के रोजा रखने की बात थी। पुलिस ने गुप्त जांच शुरू की। महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ बनाकर ऑफिस के अंदर भेजा गया। जांच में टीम लीडर्स द्वारा पद का दुरुपयोग, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के लिए मजबूर करने का मामला प्रकाश में आया।
इसके बाद पुलिस ने इसके बाद सात पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया। फरार निदा खान का आतंकी कनेक्शन सामने आ चुका है। वहीं टीसीएस ने शामिल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और कहा है कि उत्पीड़न पर उनकी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है।















