भारत अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को वापस लाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है। वर्षों पहले देश से बाहर ले जाई गई कई प्राचीन मूर्तियों और कलाकृतियों को वापस लाने में सफलता मिलने के बाद अब मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला से जुड़ी देवी वाग्देवी की प्रतिमा को स्वदेश लाने की कोशिश तेज हो गई है। करीब एक सदी पहले ब्रिटेन पहुंची इस दुर्लभ सफेद संगमरमर की प्रतिमा को भारत वापस लाने के लिए केंद्र सरकार राजनयिक स्तर पर लगातार प्रयास कर रही है। यदि यह प्रयास सफल होते हैं, तो यह देश की सांस्कृतिक विरासत की वापसी की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि होगी।
ब्रिटिश संग्रहालय से प्रतिमा लौटाने की कोशिश
देवी वाग्देवी की यह 11वीं शताब्दी की प्रतिमा वर्तमान में लंदन के ब्रिटिश संग्रहालय में सुरक्षित रखी गई है। मध्य प्रदेश सरकार के अनुरोध और उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। संस्कृति मंत्रालय राजनयिक माध्यमों और संग्रहालय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है ताकि प्रतिमा को भारत वापस लाया जा सके। भोपाल में आयोजित ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह और संस्कृति मंत्रियों की बैठक में भी इस विषय को प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है। भारत इस अंतरराष्ट्रीय मंच का उपयोग उन प्राचीन मूर्तियों और कलाकृतियों की वापसी के लिए वैश्विक सहयोग बढ़ाने में करना चाहता है, जिन्हें औपनिवेशिक काल के दौरान चोरी, तस्करी या अन्य तरीकों से विदेश ले जाया गया था। सरकार का मानना है कि यदि ब्रिक्स देशों के बीच इस मुद्दे पर साझा रणनीति तैयार होती है, तो भविष्य में कई महत्वपूर्ण भारतीय धरोहरों को वापस लाने में मदद मिल सकती है।
केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार की ओर से अनुरोध मिलने के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी थी। उन्होंने कहा कि संस्कृति मंत्रालय ब्रिटिश संग्रहालय और राजनयिक चैनलों के माध्यम से लगातार बातचीत कर रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि सभी कानूनी और संस्थागत प्रक्रियाओं का पालन करते हुए प्रतिमा को भारत वापस लाया जाए। भारत पिछले कुछ वर्षों में विदेशों से अपनी कई ऐतिहासिक धरोहरें वापस लाने में सफल रहा है। वर्ष 2014 के बाद से 650 से अधिक प्राचीन मूर्तियां, कलाकृतियां और धार्मिक महत्व की वस्तुएं विभिन्न देशों से स्वदेश लाई जा चुकी हैं।

















