केरलम में कांग्रेस और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की सरकार में फिर नया विवाद सामने आया है। नया मामला शिक्षा मंत्री रोजी एम जॉन के कार्यालय में नियुक्ति को लेकर है। कांग्रेस सरकार पर आरोप है कि उसने कट्टरपंथी संगठन जमात ए इस्लामी हिंद से जुड़े यू शाएजू को शिक्षा मंत्री रोजी एम जॉन का असिस्टेंट प्राइवेट सेक्रेटरी नियुक्त किया है।
क्या है विवाद?
इस नियुक्ति को लेकर विवाद छिड़ा है। कांग्रेस के भीतर भी इसका विरोध हो रहा है। यू शाएजू एक ऐसे चैनल के साथ जुड़े हैं, जो इस्लाम की कट्टर विचारधारा का नेतृत्व करता है। मीडिया वन का संचालन Madhyamam Broadcasting Limited करती है, जो Madhyamam Daily अख़बार से जुड़ी है। इसमें जमात ए इस्लामी हिन्द से जुड़े लोग और उसके समर्थक शामिल हैं।
इस अखबार की संपादकीय नीति इस्लामी दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह अखबार मूल रूप से मुसलमानों के अधिकारों और नीतियों की बात करता है। वह अपनी संपादकीय में इजरायल-फिलस्तीन विवाद, अमेरिका की नीतियों आदि पर लिखते हुए मुसलमान देशों के साथ एकजुटता का भाव रखता है। संक्षेप में कहें तो उम्माह का भाव रखता है। उसके लेखों में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना, उसे फासीवादी कहना, उमर खालिद और शरजील इमाम की वकालत जैसे विषय हैं।
इसमें जमात ए इस्लामी हिंद से जुड़े लोग हैं, इसलिए उसकी वैचारिक निष्पक्षता पर लगातार प्रश्न उठते हैं। मगर शाएजू को लेकर केवल यही एक विवाद नहीं है, बल्कि कांग्रेस के नेता भी इस नियुक्ति पर यह कहते हुए आपत्ति दर्ज कर रहे हैं कि स्थानीय निकायों के चुनावों में उन्होंने यूडीएफ उम्मीदवारों के खिलाफ अभियान चलाया था।
यूथ कांग्रेस के नेताओं ने केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पास यह शिकायत दर्ज की है कि वह तत्काल शाएजू की नियुक्ति को रद्द करें। शिकायत में दावा किया गया है कि शाएजू केवल मीडिया वन चैनल के पत्रकार ही नहीं बल्कि वह वेल्फेयर पार्टी के सदस्य भी हैं, जो कि जमात ए इस्लामी हिंद की राजनीतिक शाखा है। उन्होंने वेल्फेयर पार्टी के उम्मीदवारों के लिए स्थानीय चुनावों में चुनाव प्रचार भी किया था।
यूथ कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि शाएजू ने चुनावों के दौरान UDF के खिलाफ काम किया और खास तौर पर कायमकुलम नगरपालिका के वार्ड नंबर 1 से UDF उम्मीदवार और कायमकुलम विधानसभा क्षेत्र के UDF कन्वीनर ए. इरशाद को हराने के लिए प्रचार किया। इसलिए शाएजू की नियुक्ति जल्द से जल्द रद्द की जाए। यूथ कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि आखिर कैसे कोई ऐसा व्यक्ति जो पहले यूडीएफ के नेताओं के खिलाफ काम कर चुका हो, उसे इतना महत्वपूर्ण पद दिया जा सकता है। उनकी आपत्ति वेल्फेयर पार्टी अर्थात जमात-ए –इस्लामी हिन्द से जुड़े होने के कारण है।
सुन्नी संगठन ने भी जमात-ए-इस्लामी हिन्द का विरोध किया
जमात को लेकर यह कहा जाता है कि वह युवाओं को कट्टर बना रही है। कट्टर माने जाने वाला सुन्नी संगठन समस्था भी जमात का विरोध करता रहता है। समस्था का यह मानना है कि जमात ए इस्लामी हिंद युवाओं को मुख्यधारा से अलग कर रहा है। उसका यह भी आरोप है कि जमात मुसलमानों में अलगाव की भावना का विस्तार करता है।
यह भी पिछले दिनों देखा गया कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की निकटता जहां पहले समस्था के साथ थी, तो वहीं अब वह जमात के साथ जुड़ रही है। फिलहाल इस मुद्दे पर कांग्रेस के भीतर विरोध हो रहा है, क्योंकि शाएजू के वे वीडियो सोशल मीडिया में लगातार वायरल हो रहे हैं, जिसमें वह वेल्फेयर पार्टी के उम्मीदवारों का प्रचार कर रहे हैं। ये वीडियो उनकी वैचारिकी को बताने के लिए पर्याप्त हैं।
हालांकि इस नियुक्ति से पहले ऐसा कहा जा रहा है कि उन्हें कायनकुलम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सहकारिता मंत्री एम. लिजू के निजी स्टाफ में शामिल करने की कोशिश की गई थी। स्थानीय कांग्रेस के दबाव के कारण वह कोशिश नाकाम हो गई। स्थानीय कांग्रेस के नेताओं की बात उस समय सुन ली गई मगर जल्दी ही शाएजू को शिक्षा मंत्री के ऑफिस में नियुक्ति दे दी गई, जिससे पता चलता है कि यह कहीं न कहीं जमात का दबाव है।

















