गत 1 मार्च को नई दिल्ली में नॉर्थ ईस्ट कॉन्फ्रेंस–2026 का आयोजन हुआ। इसमें पूर्वोत्तर क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपरागत व्यवस्थाएं, विकास यात्रा, नीति दृष्टिकोण, सामाजिक समरसता और भविष्य की संभावनाओं पर सत्र आयोजित किए गए।
उद्घाटन सत्र में पर्यटन मंत्रालय के पूर्व सचिव श्री मदन प्रसाद बेजबरुआ ने पूर्वोत्तर की विशिष्ट संवेदनशीलता और देश के शेष भाग के साथ उसके क्रमिक समन्वय और संपर्क पर प्रकाश डाला।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख श्री नरेंद्र ठाकुर ने पूर्वोत्तर के गौरवशाली सभ्यतागत इतिहास के बारे में बताया। अन्य सत्रों में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डेलिना खोंगडुप, प्रेमानंद शर्मा, डॉ. ओइनाम भगत, अरुण शर्मा आदि ने विचार रखे। समापन सत्र के मुख्य अतिथि थे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष श्री राम बहादुर राय।
उन्होंने पूर्वोत्तर भारत के वर्तमान स्वरूप को आकार देने वाली ऐतिहासिक प्रक्रियाओं को सामने रखा। इस सत्र को डॉ. पूनम गुनिंद्रा और डॉ. सुनील मोहंती ने भी संबोधित किया। समारोह में पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों के उन व्यक्तियों को सम्मानित किया, जिन्होंने कला, कृषि, शिक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इसका आयोजन नॉर्थ ईस्ट संस्था, दिल्ली ने किया था।

















