फिल्म में एक दृश्य में पिता अपनी बेटी से कहता है ‘तुम लिबरल हो क्योंकि तुम हिंदू हो,यह किरदार प्रगतिशील विचारधारा का है जिसने अपनी बेटी की परवरिश इन्हीं मूल्यों के साथ की है। बेटी हैरान है कि उसके पिता अचानक धर्म का मुद्दा क्यों उठाने लगे जब वह सलीम से प्यार करने लगी है। लेकिन फिल्म के चरम बिंदु पर उसे गहरे पैठी अपनी धार्मिक मान्यताओं के प्रति आस्था का अहसास जागता है।
असली जिंदगी की घटनाओं से प्रेरित यह फिल्म दिखाती है कि कैसे इस्लामिक ग्रूमिंग गैंग,जिन्हें “लव-जिहाद” सिंडिकेट भी कहा जाता है। इनसे जुड़े मुस्लिम लड़के देश के अलग-अलग हिस्सों में लड़कियों की महत्वाकांक्षा,प्यार और प्रगतिशील विचारधारा का फायदा उठाकर अपने जाल में फंसाते हैं। वर्ष 2047 का उनका लक्ष्य है गजवा-ए-हिंद और निशाने पर हैं 8.5 करोड़ हिंदू अविवाहित लड़कियां।
हाल ही में केरल में कम्युनिस्ट परिवारों की लड़कियों के लव जिहाद का शिकार होने की कई घटनाएं सुर्खियों में आई हैं, जिनमें सीपीएम नेता पीवी भास्करन की बेटी का मामला भी शामिल है जिन्होंने पहले केरल स्टोरी 2 फिल्म को एक प्रोपगंडा फिल्म कहा था। उनकी बेटी ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी कि मुस्लिम युवक से शादी करने की इच्छा जाहिर करने पर उसके माता-पिता ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। इडुक्की जिले के एक और ईसाई सीपीएम नेता की नाबालिग बेटी को भी फुसलाकर मलप्पुरम के एक “प्राधिकृत कन्वर्जन केंद्र”-मुआनथुल इस्लामिक सभा में भेजा गया था। केरल और दूसरे राज्यों से ऐसे हजारों मामले सामने आए हैं। 2025 में उत्तर प्रदेश पुलिस ने लव जिहाद के एक रैकेट का पर्दाफाश किया जिसका मास्टरमाइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा था, जिस पर कन्वर्जन के जरिए करीब 100 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
युवा मुसलमान लड़कों ने नकली हिंदू आईडी बनाकर अपनी असली पहचान छिपाते हुए हजारों हिंदू लड़कियों को फंसाया। उन्होंने कानून की धज्जियां उड़ाते हुए गरीब, कमजोर तबके,लाचार मजदूरों और विधवा औरतों को पैसे का लालच, शादी का झांसा देकर या डरा-धमकाकर कन्वर्जन करने के लिए मजबूर किया। बताया जाता है कि लड़कियों को कन्वर्जन करने का रेट कार्ड भी था-ऊंची जाति की लड़कियों के लिए यह रकम 15 लाख रुपए रखी गई थी।
फिल्म पर 15 दिन की रोक

केरल उच्च न्यायालय ने गुरुवार को ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ फिल्म की रिलीज पर 15 दिनों के लिए रोक लगा दी है। अब यह फिल्म शुक्रवार, 27 फरवरी को प्रदर्शित नहीं होगी। फिल्म पर केरल राज्य को ‘बदनाम करने’ के आरोप लगे हैं। न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस की अदालत ने बुधवार को ही इसके संकेत दे दिए थे। उच्च न्यायालय ने दो टूक शब्दों में कहा कि पहली नजर में यह प्रतीत होता है कि फिल्म में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की क्षमता है। अदालत ने कहा कि फिल्म को लेकर याचिकाकर्ता की आशंका ‘शायद वास्तविक’ है। इतना ही नहीं, अदालत ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को भी फटकार लगाई है और दोबारा फिल्म की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
देशभर से सैकड़ों युवतियों की दर्दनाक कहानियां सामने आई हैं जो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के तौर पर अपना करियर बनाना चाहती थीं, जिन्हें फंसाया गया, बहकाया गया, शोषण किया गया और बुरी तरह मारा-पीटा गया, या उनकी हत्या कर दी गई।
यह फिल्म वर्तमान समय में झारखंड की नेशनल शूटर तारा सचदेव के संघर्ष के कुछ पहलुओं को भी दिखाती है। 2007 में श्री एस. एल भैरप्पा ने आवरणा नाम का एक उपन्यास लिखा था, जिसमें एक धर्मनिष्ठ हिंदू की बेटी जो “लिबरल-प्रोग्रेसिव” है, एक ‘लिबरल-प्रोग्रेसिव’ मुसलमान से प्यार करने लगती है, जो कहानी के आगे बढ़ने के साथ अपना असली रंग दिखाने लगता है। यह उपन्यास सभी को जरूर पढ़ना चाहिए। कई भाषाओं में इसका अनुवाद हुआ है। 2012 में यूनाइटेड किंगडम के रॉदरहैम से लेबर पार्टी की सांसद सारा चैंपियन ने कहा था, “मुझे महसूस होता है कि देश भर में हजारों लाखों पीड़िताएं शोषण का लगातार शिकार हो रही हैं।’ हालात में कोई बदलाव नहीं दिख रहा, बल्कि दिन प्रति दिन यह और खराब हो रहा है। इस्लामिक ग्रूमिंग गैंग आज युवा ब्रिटिश लड़कियों के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं।
द केरल स्टोरी 2 वास्तव में इससे आगे की स्थिति का चित्रण है। प्रस्तुत घटनाओं के जरिए एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश होता हैं। क्लाइमेक्स शानदार और मर्मस्पर्शी है। फिल्म में केरल सरकार समेत पुलिस प्रशासन पर भरोसा जताया गया है। फिल्म दिखाती है कि जब भारतीय पुलिस उपयुक्त तरीके से काम करती है, तो वह बड़े से बड़े अपराध को काबू कर सकती है। साथ ही, यह आम नागरिकों को सतर्क रहने और सरकार को सभी प्रशासनिक स्तरों पर इस खतरे का समाधान करने के लिए तत्पर होने का संदेश देती है। फिल्म निदेशक कामाख्या नारायण सिंह ने आज की सबसे चिंताजनक स्थिति को फिल्म के माध्यम से जिस तरह से पेश किया वह प्रशंसनीय है। फिल्म निर्माता श्री विपुल अमृतलाल शाह भी प्रशंसा के पात्र हैं, जिन्होंने समाज को इस वैश्विक खतरे के बारे में जागरूक करने के लिए समय और पैसा लगाया है।
‘The Kerala Story 2’ पर लगी रोक हटी! हाईकोर्ट से रिलीज का रास्ता साफ

















