ईरान में चल रहे युद्ध के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की हत्या कर दी थी। ईरान में जहां लोग इससे खुश हैं तो वहीं भारत के कई राज्यों में कुछ कट्टरपंथी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में हालात को बिगड़ने से बचाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को अलर्ट किया है। इसी क्रम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, और जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट की स्पीड कम करने जैसे कदम उठाए गए हैं।
मिडिल ईस्ट तनाव का भारत पर असर
पिछले दिनों अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया, जिसमें तेहरान में एयरस्ट्राइक के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। यह घटना शनिवार को हुई और रविवार-सोमवार को इसकी खबर फैलते ही भारत के कई हिस्सों में लोग सड़कों पर उतर आए। खासकर शिया समुदाय के लोग मातम मना रहे हैं और विरोध जता रहे हैं। गृह मंत्रालय (MHA) को डर है कि विदेश की इस घटना का जिक्र अगर धार्मिक जमावड़ों या पब्लिक मीटिंग में हुआ, तो सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है।
इसलिए 28 फरवरी को सभी राज्यों को एक एडवाइजरी भेजी गई। इसमें कहा गया है कि पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के हाल के मिलिट्री डेवलपमेंट्स का घरेलू असर हो सकता है। राज्यों से कहा गया कि अलर्ट रहें, बचाव के कदम उठाएं और कानून-व्यवस्था बिगड़ने न दें।
गृह मंत्रालय की अपील
मंत्रालय ने राज्यों से अपील की है कि वे ऐसे लोगों और ग्रुप्स पर कड़ी नजर रखें जो अशांति फैला सकते हैं। खास तौर पर ईरान के सपोर्टर रेडिकल उपदेशकों पर ध्यान दें, जो भड़काऊ भाषण देकर सांप्रदायिक भावनाएं भड़का सकते हैं। इंटेलिजेंस को बेहतर तरीके से कोऑर्डिनेट करने और समय पर एक्शन लेने की सलाह दी गई है। सरकार न सिर्फ जियोपॉलिटिकल स्थिति देख रही है, बल्कि घरेलू स्तर पर इसका क्या असर पड़ सकता है, इस पर भी नजर रख रही है। भारत की खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए लोगों से संयम बरतने की अपील भी की गई है।
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कश्मीर में क्या हो रहा है
जम्मू-कश्मीर में स्थिति सबसे ज्यादा संवेदनशील है क्योंकि यहां करीब 15 लाख शिया आबादी है। ईरान के लीडर की मौत की खबर पर रविवार से ही विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। सोमवार को पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड कम कर दी गई। यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। श्रीनगर में सुरक्षा बहुत सख्त कर दी गई है। लाल चौक के घंटा घर को बैरिकेड्स से सील कर दिया गया ताकि बड़ी भीड़ जमा न हो सके।
पूरे शहर में अतिरिक्त पुलिस और CRPF के जवान तैनात किए गए हैं। प्रदर्शन की खबरें लाल चौक, सैदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा जैसे इलाकों से आई हैं। यहां सबसे ज्यादा लोग जमा हुए। कुछ जगहों पर पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिए एक्शन भी लेना पड़ा।

















