तेहरान में देश के सर्वोच्च नेतृत्व की हत्या के बाद Iran Foreign Minister Seyed Abbas Araghchi ने रविवार को एक औपचारिक संबोधन जारी किया। ईरान के विदेश मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए संदेश में अराघची ने एक मजहबी उद्धरण के साथ अपनी बात शुरू की।
उन्होंने कहा कि ईश्वर के प्रति सच्चे रहने वाले लोगों में कुछ ऐसे होते हैं जो अपने वचन को निभाते हुए शाहदत दे देते हैं, जबकि कुछ अभी भी उस क्षण की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
साथ ही मंत्रालय ने इस हमले के जिम्मेदार लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि यह घटना उनके लिए हमेशा एक जीवित भयावह स्मृति बनी रहेगी।
अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु पर गहरा शोक
ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने कहा कि उनका हृदय गहरे दुख और शोक से भरा हुआ है। उन्होंने Ayatollah Ali Khamenei death को एक ऐसे शहीदी क्षण के रूप में बताया जो इस्लामी इतिहास में इमाम अली की शहादत की याद दिलाता है।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वह ईरान की जनता, इस्लामी उम्माह और इमाम-ए-ज़माना के नाम पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। अराघची के अनुसार, अयातुल्ला खामेनेई एक दूरदर्शी नेता, दृढ़ निर्णय लेने वाले मार्गदर्शक और सत्य के पथ पर अडिग रहने वाले व्यक्तित्व थे।
उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व ने इतिहास में गरिमा, धैर्य और दृढ़ता की अमिट विरासत छोड़ी है।
ईरान के लिए ऐतिहासिक मोड़
विदेश मंत्री ने कहा कि Iran Supreme Leader Ayatollah Khamenei की शहादत निश्चित रूप से ईरान के लिए एक बड़ा आघात है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनका विचार और उनकी विचारधारा आने वाले समय में भी जीवित और प्रेरणादायक बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि आज का समय ईरान के लिए एक निर्णायक मोड़ है। इस विरासत की रक्षा करना और उस मार्ग पर आगे बढ़ना जो उन्होंने दिखाया, पूरे राष्ट्र के लिए ऐतिहासिक जिम्मेदारी है।
अराघची ने कहा कि यह रास्ता आस्था, प्रतिरोध और उम्मीद का मार्ग है, जिसे शहीदों के खून ने सींचा है और जिसे उनके अनुयायियों की अटूट प्रतिबद्धता आगे बढ़ाएगी।
ईरान की विचारधारा जारी रहने का दावा
विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि Iran political ideology after Khamenei समाप्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जिस ध्वज को खामेनेई ने ऊंचा उठाया था वह कभी जमीन पर नहीं गिरेगा। उन्होंने कहा कि ईमानदार और दृढ़ हाथ उस ध्वज को और ऊंची बुलंदियों तक ले जाएंगे। उनका मानना है कि खामेनेई की विचारधारा और उनके सिद्धांत आने वाले वर्षों में भी ईरान की राजनीति और समाज को दिशा देते रहेंगे।
रमजान के दौरान हुई मौत को बताया शहादत
विदेश मंत्रालय ने कहा कि रमजान के दसवें दिन उनकी मृत्यु ने उन्हें ईरान और इस्लाम के इतिहास में एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में स्थापित कर दिया है। मंत्रालय के अनुसार, उनकी मृत्यु ऐसे लोगों के हाथों हुई जिन्हें दुनिया के सबसे भ्रष्ट और अपराधी तत्वों में गिना जाता है। इस कारण उनकी शहादत ईरान के लिए एक प्रतीकात्मक और ऐतिहासिक महत्व रखती है।
जमकरान मस्जिद पर लहराया बदले का लाल झंडा
घटना के बाद ईरान में बदले का प्रतीक माना जाने वाला लाल झंडा Jamkaran Mosque red revenge flag के रूप में जमकरान मस्जिद के गुंबद पर फहराया गया। ईरान में यह झंडा आमतौर पर किसी बड़े हमले या शहादत के बाद बदले की चेतावनी के रूप में लगाया जाता है।
पाकिस्तान में हिंसक झड़पें
वहीं मीडिया रिपोर्टों के अनुसार Pakistan protests after Khamenei killing के दौरान कई जगह हिंसा भी हुई। स्कर्दू में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और संयुक्त राष्ट्र कार्यालय को आग लगा दी गई। वहीं कराची में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर धावा बोल दिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों के साथ झड़प हो गई।
रिपोर्टों के अनुसार कराची में गोलीबारी की घटनाओं में दस से अधिक लोगों की मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

















