कई महीनों से चल रहे तनाव के अमेरिका और इजरायल ने आखिरकार ईरान में एयरस्ट्राइक कर ही दी। अहम बात ये है कि इस एयर स्ट्राइक में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई और उनके बेटे को मार गिराने का दावा किया गया है। इस बात का दावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया है। उन्होंने इसे ईरानी लोगों के लिए अपना देश वापस लेने का सबसे बड़ा मौका करार दिया है।
उन्होंने खामेनेई को इतिहास का सबसे बुरा व्यक्ति करार दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आगे भी भारी और सटीक बमबारी लगातार जारी रहेगी। वहीं दो इज़रायली अधिकारियों के हवाले से एसोसिएटेड प्रेस ने कहा कि तेहरान में खामेनेई के कंपाउंड के पास हुए हमलों के बाद उनकी मौत की पुष्टि हो गई है। वहीं ईरानी मीडिया ने राजधानी में कई जगहों पर धमाकों की खबर दी, जहां से धुआं उठता दिखा और सुप्रीम लीडर के दफ्तरों वाली सड़कें सील कर दी गईं। ईरान का एयरस्पेस बंद हो गया और मोबाइल नेटवर्क भी डिस्टर्ब हो गए। अभी तक तेहरान से खामेनेई की मौत की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है।
मध्य-पूर्व में सबसे अधिक समय तक सत्ता में रहे
खामेनेई 86 साल के थे और 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर थे, यानी मिडिल ईस्ट में सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले नेता। 1979 की इस्लामिक रिवॉल्यूशन के बाद ये सिर्फ दूसरी बार है जब लीडरशिप में बदलाव हो रहा है। उस वक्त रुहोल्लाह खुमैनी की मौत के बाद खामेनेई को प्रेसिडेंट से सुप्रीम लीडर बना दिया गया था। ईरान के संविधान के मुताबिक, 88 सदस्यों वाली असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स सुप्रीम लीडर चुनती और देखरेख करती है। इसमें गार्जियन काउंसिल की भी भूमिका होती है, इसीलिए उत्तराधिकारी की योजना सिर्फ सत्ता के अंदरूनी सर्कल तक सीमित रहता है।
अमेरिका की काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस ने कुछ नामों को संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देखा है। इनमें शामिल हैं:
- अयातुल्लाह अलीरेजा आरफी: वो ईरान के पूरे सेमिनरी सिस्टम के हेड हैं, गार्जियन काउंसिल और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स दोनों में सदस्य हैं। उनकी पसंद से मौजूदा क्लेरिकल सिस्टम में कंटिन्यूटी बनी रह सकती है।
- होज्जत-ओल-इस्लाम मोहसिन कोमी: खामेनेई के दफ्तर में अहम सलाहकार थे, लीडर के बहुत करीब माने जाते थे।
- अयातुल्लाह मोहसिन आराकी: असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के लंबे समय से सदस्य, धार्मिक योग्यता और संस्थागत अनुभव रखते हैं।
- अयातुल्लाह गोलाम होसैन मोहसिनी एजेई: ईरान के ज्यूडिशियरी चीफ हैं, नेशनल सिक्योरिटी बैकग्राउंड और बड़े पदों का अनुभव है। ट्रांजिशन के दौरान स्टेबिलिटी चाहने वालों को पसंद आ सकते हैं।
- अयातुल्लाह हाशेम होसैनी बुशेहरी: क़ुम में फ्राइडे प्रेयर लीडर और असेंबली मेंबर, अक्सर चर्चा में रहते हैं।
विश्लेसकों का कहना है कि किसी अंदरूनी व्यक्ति को चुनने से मौजूदा पावर बैलेंस बरकरार रह सकता है, लेकिन ईरान के राजनीतिक और सुरक्षा समूहों में छिपी राइवलरी सामने आ सकती है। ईरान पहले से ही इज़राइल के साथ मिसाइल-ड्रोन फायरिंग कर रहा है और गल्फ में अमेरिकी बेस पर हमले हो रहे हैं। ऐसे में लीडरशिप चेंज का असर ईरान की अंदरूनी स्थिरता, रीजनल पॉलिसी और न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बहुत बड़ा पड़ सकता है। सक्सेशन की जंग अभी बंद कमरों में चल रही है।
















