लखनऊ विश्वविद्यालय की बारादरी में मुस्लिम छात्रों ने नमाज पढ़ने का प्रयास किया था। उसी के विरोध में आज छात्रों का एक गुट हनुमान चालीसा पढ़ने पहुंचा। इसकी सूचना पाकर मौके पर पुलिस पहुंच गई और छात्रों को वहां वे वापस किया। इस दौरान कुछ छात्र बारादरी पर पहुंच गए और वहां पर गंगाजल छिड़क कर पर हनुमान चालीसा पढ़ा।
छात्रों का सवाल : नमाज पर कार्रवाई नहीं, हनुमान चालीसा पर क्यों?
हनुमान चालीसा पाठ करने गए छात्रों का कहना है कि जब वहां नमाज पढ़ी गई तो कोई कार्रवाई नहीं की गई। आज हनुमान चालीसा पर कार्रवाई क्यों की जा रही है? बता दें कि कई छात्रों के हिरासत में लिए जाने के बाद भी कुछ छात्र लाल बारादरी बिल्डिंग पहुंच गए थे।
नमाज और विरोध प्रदर्शन मामले में 13 छात्रों को नोटिस
उल्लेखनीय है कि लखनऊ विश्वविद्यालय की लाल बारादरी में नमाज पढ़ने और विरोध प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने छात्रों को नोटिस भी भेजा है। पुलिस ने शांति भंग की आशंका में 13 छात्रों को नोटिस भेजा है। नोटिस में इन छात्रों को 50 हजार रूपये का निजी मुचलका जमा करने के लिए कहा गया है।
जबरन नमाज पढ़ने और प्रदर्शन का आरोप
पुलिस ने बताया कि इन सभी छात्रों ने लाल बारादरी के पास पहुंचकर जबरदस्ती नमाज पढ़ने का प्रयास किया। उसके बाद कैंटीन के सामने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया । इन छात्रों की गतिविधियों से लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हुआ। इसके साथ ही वहां पर चल रह निर्माण कार्यों में भी व्यवधान उत्पन्न हुआ। आरोपी छात्रों कि इस तरह की गतिविधियों से तनाव की स्थिति उत्पन हुई। भविष्य में कोई बड़ी घटना न हो इसके लिए शांति भंग की आशंका में निजी मुचलका जमा कराया जा रहा है।
50 हजार रुपए का व्यक्तिगत मुचलका और दो जमानतदार अनिवार्य
सहायक पुलिस आयुक्त (महानगर) ने सभी 13 छात्रों को 50 हजार रुपए का व्यक्तिगत मुचलका भरने को आदेश दिया है। इसके साथ ही, प्रत्येक छात्र 50 –50 हजार रूपये के दो जमानतदार भी प्रस्तुत करेगा। यह कार्रवाई इसलिए की जा रही है जिससे छात्र दोबारा ऐसी गलती न करें।
लाल बारादरी में निर्माण कार्य और सुरक्षा कारणों से रोक
लाल बारादरी के जर्जर होने और वहां चल रहे निर्माण कार्य को देखते हुए नमाज पर रोक लगाई गई थी। इस दौरान कुछ छात्रों ने वहां पर नमाज पढ़ने का प्रयास किया था। फिलहाल, पुलिस लगातार विश्वविद्यालय परिसर के आस पास गश्त कर रही है।
















