कब वापस लिया जाएगा पीओजेके? 1994 के राष्ट्रीय संकल्प का क्या हुआ? पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर हमारा
September 1, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

कब वापस लिया जाएगा पीओजेके? 1994 के राष्ट्रीय संकल्प का क्या हुआ? पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर हमारा

नब्बे के दशक के आरंभ में पीओजेके को लेकर संसद का सर्वसम्मत रुख दर्ज है। इसे लेकर भारत का बड़ा हिस्सा अनभिज्ञ है।

Written byराजेश शांडिल्यराजेश शांडिल्य — edited by Lalit Fulara
Feb 22, 2026, 05:54 pm IST
inभारत, मत अभिमत

नब्बे के दशक के आरंभ में पीओजेके को लेकर संसद का सर्वसम्मत रुख दर्ज है। इसे लेकर भारत का बड़ा हिस्सा अनभिज्ञ है। पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POJK) को लेकर 22 फरवरी का दिन एक अर्सें से संकल्प दिवस के रुप में मनाया जा रहा है। इस बार भी देशभर में संगोष्ठियों, व्याख्यानों, प्रदर्शनियां और जनजागरण कार्यक्रम हुए।

मूल प्रश्न यह है कि क्या इस विषय पर आयोजन केवल प्रतीकात्मक औपचारिकता और रस्म अदायगी बन कर चलते रहेंगे या वास्तव में राष्ट्रीय विमर्श को ठोस दिशा में लेकर जा रहे हैं? 22 फरवरी 1994 को भारतीय संसद ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर स्पष्ट कहा था कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों को वापस लेना राष्ट्रीय संकल्प है।

क्यों तीन दशक बाद भी ये प्रस्ताव जनचेतना के केंद्र में स्थापित नहीं हो पाया
तीन दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद यह प्रस्ताव जनचेतना के केंद्र में कभी स्थायी रूप से स्थापित नहीं हो पाया। विडंबना है कि जिस विषय पर संसद का सर्वसम्मत रुख दर्ज है, उसकी जानकारी आज भी देश के बड़े हिस्से तक व्यवस्थित रूप से नहीं पहुंची। दरअसल, पीओजेके का मुद्दा केवल राजनीतिक नारे या भावनात्मक विमर्श का विषय नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक तथ्य, भू-राजनीतिक वास्तविकता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रश्न है।

1947 से पूर्व जम्मू-कश्मीर रियासत का कुल क्षेत्रफल लगभग 2.22 लाख वर्ग किलोमीटर था। इसका बड़ा हिस्सा आज पाकिस्तान और चीन के नियंत्रण में है। मीरपुर, मुजफ्फराबाद, गिलगित-बाल्टिस्तान और अक्साईचिन जैसे क्षेत्रों का उल्लेख केवल नक्शे की रेखाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके ऐतिहासिक और रणनीतिक महत्व की तथ्यपरक समझ विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। सबसे बड़ी कमी यह रही है कि पीओजेके से जुड़े विस्थापित समुदायों, उनके अनुभवों और मानवाधिकार से जुड़े प्रश्नों पर राष्ट्रीय स्तर पर अपेक्षित गंभीर चर्चा नहीं हो सकी। परिणाम सबके सामने है।

पीओजेके के प्रश्न को केवल सीमा विवाद के दृष्टिकोण से न देखा जाए
यह विषय अकादमिक विमर्श और सीमित मंचों तक सिमटा है, जबकि व्यापक समाज तक इसकी तथ्यात्मक प्रस्तुति का अभाव बना रहा। अब संकल्प दिवस को सार्थक बनाने के लिए आवश्यक आन पड़ी है, ताकि यह आयोजन केवल श्रद्धांजली सभाओं और औपचारिक कार्यक्रमों तक न सिमटे, बल्कि शोध-आधारित संवाद, दस्तावेजीकरण और शैक्षणिक संस्थानों में गंभीर चर्चा का हिस्सा बने।

खास बात यह है कि पीओजेके के प्रश्न को केवल सीमा विवाद के दृष्टिकोण से न देखा जाए। यह विषय राष्ट्रीय सुरक्षा, सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक दायित्व और विस्थापित समुदायों की पीड़ा से जुड़ा है। यदि इस पर विमर्श तथ्यों, शोध और जिम्मेदार प्रस्तुति के आधार पर आगे बढ़ता है, तो ही यह भावनात्मक नारों से ऊपर उठकर एक गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा बन सकता है।

1994 का प्रस्ताव केवल एक ऐतिहासिक दस्तावेज बनकर न रह जाए
सच यह है कि संकल्प तभी फलीभूत होगा,जब वह राष्ट्रीय चेतना और नीति-स्तर की प्राथमिकताओं में पर खरा हो। 1994 का प्रस्ताव केवल एक ऐतिहासिक दस्तावेज बनकर न रह जाए, इसके लिए आवश्यक है कि समाज, शिक्षण संस्थान और नीति-निर्माता समान रूप से इस विषय पर ठोस, तथ्याधारित और दीर्घकालिक विमर्श को आगे बढ़ाएं। अन्यथा संकल्प दिवस हर वर्ष मनाया जाएगा, चर्चा होगी, कार्यक्रम होंगे, परंतु मूल प्रश्न वहीं का वहीं खड़ा रहेगा कि राष्ट्रीय संकल्प को व्यवहारिक राष्ट्रीय विमर्श में कितना बदला गया। अगर कोई प्रस्ताव तीन दशक तक नीति-निर्माण, कूटनीति, पाठ्यपुस्तकों और जनजागरण में केंद्रीय मुद्दा नहीं बन पाता, तो स्वाभाविक है कि जनता का बड़ा हिस्सा अनभिज्ञ रहेगा और यह अनभिज्ञता राजनीतिक और संस्थागत प्राथमिकताओं का परिणाम है।

(राजेश शांडिल्य/संपादक विश्व संवाद केंद्र)

 

Topics: National ResolutionWhen will PoJK be taken backparliamentIndian ArmyPakistan occupied Jammu and Kashmir
राजेश शांडिल्य
राजेश शांडिल्य
वरिष्ठ पत्रकार [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

जहां हेलीकॉप्टर उतारना था नामुमकिन: वहां सेना ने एक स्किड टिकाकर ऐसे बचाई मरीज की जान, देखें वीडियो

प्रतीकात्मक चित्र

LoC पर 3 पाकिस्तानी ड्रोन ने की घुसपैठ, सेना ने ऐसे किया नाकाम

राष्ट्र रक्षकों के प्रति अटूट स्नेह का भी अनन्य प्रतीक है रक्षाबंधन

महुआ मोइत्रा, तृणमूल नेता

टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा होंगी गिरफ्तार? भारतीय सेना और गृहमंत्री पर विवादित टिप्पणी के बाद बढ़ा विवाद

‘संसद के मानसून सत्र में 12 विधेयक पारित’, BJP नेता किरेन रिजिजू बोले- विपक्ष ने चर्चा से बचने का रास्ता अपनाया

अमित शाह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री

गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को दी चर्चा की चुनौती, कहा- दोपहर 3 बजे से चर्चा के लिए तैयार

Load More

ताज़ा समाचार

NIA

नालागढ़ ब्लास्ट: NIA ने तीन और आरोपियों को किया गिरफ्तार, अब तक 6 आरोपी पकड़े गए

10वीं पास के लिए सरकारी नौकरियां: डाक विभाग में 23757 पदों पर भर्ती, बिना एग्जाम चयन

फोटो साभार: ईरान इंटरनेशनल

ईरानी IRGC की यूनिट 4000 पूर्वी एशिया में जहाजों और बंदरगाहों पर हमले की तैयारी में

आज का श्लोक : वीरेतिहासविख्यातं साधुचारित्र्यविश्रुतम्।

आज का राशिफल

1 सितंबर राशिफल: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

राजा वडिंग ने सरदार बूटा सिंह का किया अपमान

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग ने दलित नेता व पूर्व गृहमंत्री बूटा सिंह का किया अपमान, 5 दिन में गिरफ्तारी का आदेश

मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ

माफिया के लिए आंसू बहाती है समाजवादी पार्टी  : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 

बहन को पीठ पर उठाए माता-पिता को खोज रहा बच्चा और मलबे से जिंदा निकली बच्ची।

60 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकली 6 साल की बच्ची, बहन को पीठ पर उठाए घायल बच्चे का भी वीडियो आया सामने

हिमालय पर मंडराता जल प्रलय का खतरा

नेपाल बाढ़ त्रासदी और हिमालय पर मंडराता जल-प्रलय का खतरा : प्रकृति पर विजय नहीं, सह-अस्तित्व है जरूरी

BJP नेता स्मृति ईरानी बोलीं-PM मोदी के सेवा समर्पण संदेश को हर घर तक पहुंचाएं कार्यकर्ता-पदाधिकारी, 17 सितंबर से शुरुआत

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies