जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास भारतीय सेना ने पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। देर रात सीमा पार से आए तीन ड्रोन भारतीय हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए, लेकिन सीमा पर तैनात जवानों की सतर्कता के कारण समय रहते इनकी गतिविधियों का पता चल गया। इसके बाद सेना ने तुरंत काउंटर-ड्रोन सिस्टम को सक्रिय किया, जिसके बाद तीनों ड्रोन वापस पाकिस्तान की ओर लौट गए। जानकारी के मुताबिक, यह घटना राजौरी जिले के नौशेरा और मेंढर सेक्टर से जुड़े सीमावर्ती इलाकों में सामने आई। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार देर शाम मेंढर सेक्टर के बालाकोट इलाके के बह्रूटी गांव के पास एक ड्रोन दिखाई दिया। इसके बाद ड्रोन LoC के नजदीक मंगलनार-डबरोत की दिशा में बढ़ता हुआ नजर आया। सुरक्षा बलों की सक्रियता के बाद ड्रोन ने अपना रास्ता बदला और पाकिस्तान की ओर लौट गया।
ड्रोन की घुसपैठ के बाद LoC पर सर्च ऑपरेशन तेज
ड्रोन की गतिविधि सामने आने के तुरंत बाद भारतीय सेना ने सीमा क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी। जवानों ने रातभर इलाके पर नजर रखी और संभावित खतरे को देखते हुए सुबह पहली किरण के साथ तलाशी अभियान शुरू कर दिया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं ड्रोन के जरिए भारतीय क्षेत्र में कोई संदिग्ध सामान, हथियार या अन्य सामग्री तो नहीं गिराई गई। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि आखिर तीनों ड्रोन भारतीय क्षेत्र में किस मकसद से दाखिल हुए थे। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, सीमा पर तैनात सुरक्षा बल किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं करना चाहते। इसी वजह से संवेदनशील इलाकों में सर्च ऑपरेशन और निगरानी लगातार जारी है।
गौरतलब है कि नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के आसपास ड्रोन के जरिए घुसपैठ की कोशिशें पहले भी सामने आती रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, सीमा पार से ड्रोन का इस्तेमाल हथियार, गोला-बारूद और अन्य संदिग्ध सामग्री भारतीय क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। ऐसे में ड्रोन की हर गतिविधि को सुरक्षा के लिहाज से गंभीरता से लिया जाता है। राजौरी में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा बलों ने LoC के आसपास सतर्कता और बढ़ा दी है। सीमा पर निगरानी के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। जवान यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि ड्रोन के जरिए किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि को अंजाम न दिया गया हो। फिलहाल तलाश अभियान जारी है और सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटा रही हैं। सेना और अन्य सुरक्षा बलों की कोशिश है कि सीमा पार से होने वाली ऐसी किसी भी संभावित घुसपैठ या तस्करी की कोशिश को समय रहते रोका जा सके।
















