चमोली: ज्योतिर्मठ की अदालत ने मौलाना अब्दुल लतीफ को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। मौलाना लतीफ पर आरोप था कि उन्होंने एक वीडियो में ये कहा था कि बद्रीनाथ धाम में बदरुद्दीन शाह के मजार है। कुछ समय पहले उनका ये वीडियो 26 जुलाई 2023को सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। मौलाना लतीफ पर बद्रीनाथ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था जिसके बाद 21अगस्त 2023 को पुलिस ने उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
मौलाना लतीफ सहारनपुर देवबंद के दारुल उलूम से जुड़े हुए है। उनके द्वारा 2024 को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आत्म समर्पण किया था बाद में उन्हें जमानत मिली थी। कई माहों तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ज्योतिर्मठ के न्यायिक मैजिस्ट्रेट अनिल कुमार कोरी ने बीते रोज साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता नवनीत डिमरी ने आरोपी के बरी होने पर न्यायालय का आभार प्रकट किया गया है।
















