Ind vs Eng अंडर-19 विश्व कप फाइनल में भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया। भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों से करारी शिकस्त देकर छठी बार आईसीसी अंडर-19 विश्व कप की ट्रॉफी अपने नाम की। यह जीत भारत को टूर्नामेंट इतिहास की सबसे सफल टीम बनाती है।
वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी ने बदला मैच
जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 411/9 का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस दौरान वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रनों की तूफानी पारी खेली, जो फाइनल मुकाबले में किसी भी बल्लेबाज का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है।
भारत का रिकॉर्ड स्कोर, टूर्नामेंट इतिहास में नया अध्याय
आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल में भारत का 411 रन बनाना एक वर्ल्ड रिकॉर्ड रहा। कप्तान आयुष म्हात्रे ने 53 रन जोड़े, जबकि कनिष्क चौहान नाबाद 37 रन बनाकर टिके रहे। विहान मल्होत्रा, वेदांत त्रिवेदी और अभिज्ञान कुंडू की उपयोगी पारियों ने स्कोर को ऐतिहासिक ऊंचाई तक पहुंचाया।
412 रन के लक्ष्य में इंग्लैंड की लड़खड़ाती पारी
412 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत आक्रामक रही, लेकिन 22वें ओवर के आसपास विकेटों की झड़ी लग गई। इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवर में 311 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। भारत की सधी हुई गेंदबाजी के आगे इंग्लिश बल्लेबाज टिक नहीं सके।
इंग्लैंड की ओर से बेन डॉकिन्स का संघर्ष
इंग्लैंड के लिए बेन डॉकिन्स ने 56 गेंदों में 66 रन बनाए। बेन ने 28 गेंदों में 45 रन और कप्तान थॉमस ने 31 रन की पारी खेली, लेकिन बड़े लक्ष्य के दबाव में पूरी टीम बिखर गई।
अंडर-19 विश्व कप में भारत का स्वर्णिम इतिहास
भारत अंडर-19 विश्व कप इतिहास में अब तक सबसे सफल टीम रहा है।
1999 में मोहम्मद कैफ, 2008 में विराट कोहली, 2012 में उन्मुक्त चंद, 2018 में पृथ्वी शॉ, 2022 में यश ढुल और अब 2026 में आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारत ने छठा खिताब जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
वैभव सूर्यवंशी का तांडव बना जीत की नींव
फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी की पारी लंबे समय तक याद की जाएगी। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। इस शानदार जीत के साथ भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अंडर-19 क्रिकेट में उसका दबदबा बरकरार है।

















