भुवनेश्वर: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भुवनेश्वर के सुंदरपदा इलाके में हुए भीषण विस्फोट के स्थल का प्रारंभिक निरीक्षण किया है। इस घटना को लेकर एक व्यापक आपराधिक साजिश की आशंका जताई जा रही है। मंगलवार दोपहर हुए इस विस्फोट में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।
बुधवार को एनआईए अधिकारियों की एक टीम ने विस्फोट स्थल का दौरा किया और उस पांच मंजिला आवासीय भवन के मालिक समेत कई अन्य लोगों से पूछताछ की, जहां यह धमाका हुआ था। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले की औपचारिक जांच फिलहाल भुवनेश्वर के एयरफील्ड थाना पुलिस द्वारा की जा रही है और एनआईए ने अभी तक इस केस को अपने हाथ में नहीं लिया है। एजेंसी की मौजूदा भूमिका यह आकलन करने तक सीमित है कि क्या इस विस्फोट के पीछे किसी संगठित आपराधिक गतिविधि या बड़ी साजिश के तार जुड़े हुए हैं।
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वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट एयरफील्ड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आज़ाद नगर इलाके में मंगलवार दोपहर को हुआ। धमाका उस आवासीय भवन की सबसे ऊपरी मंज़िल पर हुआ, जिसके बाद तेज़ धमाके की आवाज़ और घने धुएं के कारण स्थानीय निवासियों में भय और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
इस घटना में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों की पहचान शहनवाज़ मलिक, उसके सहयोगी अमिया रंजन मलिक, शहनवाज़ की मां और उसकी एक महिला मित्र के रूप में की गई है। सभी घायलों को पहले कैपिटल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया गया, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। पुलिस ने अस्पताल में सुरक्षा के मद्देनज़र घायलों की निगरानी के लिए कर्मियों की तैनाती की है।
विस्फोट की सूचना मिलते ही अग्निशमन सेवा की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। इसके साथ ही एक वैज्ञानिक एवं फॉरेंसिक टीम ने भवन का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई, जिसमें बारूद, डेटोनेटर और अन्य आपत्तिजनक सामग्री शामिल है। सभी सामग्रियों को जब्त कर लिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि शहनवाज़ मलिक, जो एक हिस्ट्रीशीटर है और जिसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, इसी भवन में किराए पर रह रहा था। वह अपनी मां, सहयोगी और महिला मित्र के साथ यहां निवास कर रहा था। भवन मालिक की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर वह कथित तौर पर इमारत की ऊपरी मंज़िल पर देसी बम तैयार कर रहा था। पुलिस को संदेह है कि विस्फोट उसी दौरान हुआ, जब विस्फोटक तैयार किए जा रहे थे।
भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) जगमोहन मीणा ने पुष्टि की कि विस्फोट में घायल सभी चार व्यक्तियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि कानूनी कार्रवाई घायलों के स्वस्थ होने के बाद ही आगे बढ़ाई जाएगी। डीसीपी मीणा ने कहा कि प्रारंभिक जांच, वैज्ञानिक टीम द्वारा स्थल निरीक्षण, वरिष्ठ अधिकारियों के दौरे और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि बम तैयार करने में शामिल व्यक्ति ही इस विस्फोट के लिए जिम्मेदार हैं और वही गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
उन्होंने आगे बताया कि शहनवाज़ मलिक के खिलाफ भुवनेश्वर के नयापल्ली, मैत्री विहार सहित विभिन्न थानों में कम से कम सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास और विस्फोटक पदार्थों से जुड़े गंभीर अपराध शामिल हैं। डीसीपी मीणा ने कहा कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास को देखते हुए हमें पूरा संदेह है कि ये विस्फोटक किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार किए जा रहे थे। मामले की जांच कई कोणों से की जा रही है, ताकि मकसद और संभावित अन्य अपराधों से इसके संबंधों का पता लगाया जा सके। इस बीच, एनआईए की मौजूदगी से इस मामले के व्यापक प्रभावों को लेकर अटकलें तेज़ हो गई हैं। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि केंद्रीय एजेंसी यह जांच कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे कोई बड़ा सुरक्षा खतरा या राज्य से बाहर तक फैला नेटवर्क जुड़ा हुआ है।
फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि घायलों के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
















