उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे में सामने आया यह मामला स्थानीय सामाजिक संतुलन और कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, कस्बे की जामा मस्जिद में बाहरी जमातियों को प्रवेश न मिलने से नाराज होकर, लव जिहाद और दुष्कर्म के आरोपी मौलाना खान के पिता ने अपने घर के पास आयशा मस्जिद का निर्माण कराया। इसके बाद यहां बाहर से आने वाले जमातियों के ठहरने और मजहबी प्रचार की गतिविधियां तेज हो गईं।
सुमेरपुर का इतिहास और मजहबी संतुलन
स्थानीय लोगों के अनुसार, 1980 के दशक में सुमेरपुर में दो मस्जिद और एक ईदगाह थी, जहां शांति और परंपरा के साथ नमाज अदा की जाती थी। इन स्थानों का संचालन बरेलवी जमात से जुड़े पेश इमाम करते थे। बाद के वर्षों में जब देवबंदी जमात के लोग मजहबी प्रचार के उद्देश्य से आने लगे, तब स्थानीय जामा मस्जिद के इमाम ने कस्बे की शांति बनाए रखने के लिए उन्हें प्रवेश देने से इनकार कर दिया। इसी निर्णय के बाद नया विवाद खड़ा हुआ।
आयशा मस्जिद का निर्माण और बाहरी जमातियों की आवाजाही
बताया जाता है कि इसी नाराजगी के चलते इमामुद्दीन ने बड़ी पुलिया के पास आयशा मस्जिद की नींव रखी और जल्द ही इसका निर्माण कराया गया। मस्जिद बनने के बाद देवबंदी जमात से जुड़े लोग यहीं ठहरने लगे। इनके रहने, खाने-पीने और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी मौलाना खान के पिता मुईनउद्दीन निभाते थे।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जमातियों की टीमें कई-कई दिनों तक रुककर मजहबी प्रचार करती रहीं, जिससे कस्बे में तनाव का माहौल बनने लगा।
लव जिहाद और कन्वर्जन का गंभीर आरोप
यह मामला तब और गंभीर हो गया जब सुमेरपुर की हिंदू समुदाय की एक नाबालिग युवती को कथित रूप से प्रेमजाल में फंसाकर गैंगरेप, अश्लील वीडियो बनाने और बाद में कन्वर्जन का दबाव डालने के आरोप सामने आए। युवती के इनकार करने पर वीडियो वायरल करने की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया।
इस मामले में अफान खान और उसके पिता मौलाना खान पर प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।
खुफिया एजेंसियों की जांच और सिमी कनेक्शन की आशंका
खुफिया एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, मौलाना खान के इस्लामिक मूवमेंट (सिमी) से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। एजेंसियों का मानना है कि यदि यह संबंध प्रमाणित होता है, तो यह केवल स्थानीय अपराध नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन सकता है।
हाल ही में खुफिया अधिकारियों ने कस्बे में चुपचाप सर्वे कर अहम सबूत जुटाए हैं।















