बिजनौर। मुंबई में नर्स की नौकरी करने वाली सना 29 मई के बाद से लापता हो गई थी। मुंबई पुलिस ने 2 जून को गुमशुदगी दर्ज करने के बाद काफी दिनों तक उसे तलाश करने का प्रयास किया। 10 जून को मुंबई पुलिस को सीडीआर मिली। उसके बाद पुलिस ने फैसल को हिरासत में लिया।
फैसल ने पुलिस को बताया कि सना शादी करने का दबाव बना रही थी। इसी के चलते उसकी हत्या कर दी। फैसल को मुंबई पुलिस लेकर यूपी के बिजनौर जनपद में पहुंची। वहां किसान देवेंद्र चौहान के गन्ने के खेत में फैसल की निशानदेही पर खुदाई की गई। खुदाई के बाद सना का शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
बिजनौर के गन्ने के खेत से शव बरामद
जानकारी के अनुसार, फैसल ईद मनाने के लिए बिजनौर अपने गांव आया था। गत 29 मई को सना भी उसके गांव पहुंची थी। सना ने बिजनौर पहुंचकर फैसल से शादी करने की जिद ठान ली। फैसल को समझ में आया कि सना उसे किसी मुकदमे में फंसा देगी। फैसल उसे बाइक पर बैठाकर मंडावर थाना क्षेत्र में एक गन्ने के खेत में ले गया।
वहां पर उसने गला घोंटकर सना की हत्या कर दी और शव को गन्ने के खेत में दबा दिया। हत्या की घटना करने के बाद वह मुंबई लौट गया।
फैसल और सना के संबंधों का पुलिस को मिला सुराग
21 वर्षीय फैसल मुंबई में मुर्गा काटने का काम करता था। कुछ समय पहले उसने मुर्गा काटने का काम अपने पिता और भाई को दे दिया था और वह सैलून पर काम कर रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात सना से हुई और सना से उसके प्रेम संबंध हो गए। नर्स सना, फैसल से उम्र में लगभग पंद्रह साल बड़ी थी। सना तलाकशुदा थी और वह फैसल से शादी करना चाहती थी।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से खुला मामला
फैसल, सना की बहनों को लगातार भ्रमित कर रहा था। मगर जब कॉल डिटेल सामने आई तो पुलिस ने देखा कि कई बार सना ने फैसल से बात की थी। फैसल बिजनौर का रहने वाला है और सना की आखिरी लोकेशन भी यूपी के बिजनौर में दिख रही थी। इस आधार पर पुलिस का शक फैसल पर गहरा होता गया। सख्ती करने पर फैसल ने सच कबूला।













