दरभंगा (हि.स.) । बिहार में दरभंगा जिले के तारडीह प्रखंड अंतर्गत लगमा गांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में एकदिवसीय विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक समरसता और हिंदू समाज की एकता पर विशेष जोर दिया।
हिंदू समाज की एकता पर सरकार्यवाह का संबोधन
सरकार्यवाह जी ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि जब-जब हिंदू समाज में विभाजन की दरार उत्पन्न हुई है, तब-तब विदेशी आक्रांताओं ने देश पर शासन किया है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की एकता ही भारत को सशक्त बनाती रही है और यही देश की सबसे बड़ी ताकत रही है।
संगठित समाज से राष्ट्र की उन्नति
उन्होंने कहा कि जब समाज संगठित रहा, तब राष्ट्र ने उन्नति की और जब समाज में बंटवारा हुआ, तब देश को बाहरी आक्रमणों का सामना करना पड़ा। हिंदू समाज की संगठित शक्ति ही भारत की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा कर सकती है।
सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का आह्वान
वर्तमान समय में समाज के प्रत्येक वर्ग को एकजुट होकर सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह समय संगठित प्रयासों का है, जिससे समाज और राष्ट्र दोनों को सशक्त बनाया जा सके।
युवाओं से विशेष आह्वान
सरकार्यवाह जी ने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे अपने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति सजग एवं जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनकी सक्रिय, सकारात्मक सहभागिता से ही देश को नई दिशा मिल सकती है।
भारतीय संस्कृति और “वसुधैव कुटुम्बकम्”
भारत की सांस्कृतिक परंपरा का उल्लेख करते हुए सरकार्यवाह जी ने कहा कि “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना भारतीय संस्कृति की आत्मा रही है, जिसमें पूरे विश्व को एक परिवार माना गया है। इसी सोच के कारण भारत ने कभी आक्रमणकारी बनने का मार्ग नहीं अपनाया।
ज्ञान, शांति और मानवता का संदेश
उन्होंने कहा कि भारत ने सदैव ज्ञान, संस्कृति, शांति और मानवता का संदेश विश्व को दिया है। यही भारत की पहचान और उसकी सांस्कृतिक शक्ति का मूल आधार है।
सम्मेलन में भारी संख्या में लोगों की उपस्थिति
सम्मेलन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। आसपास के क्षेत्रों से भी लोगों की भारी भीड़ सम्मेलन में पहुंची, जिससे आयोजन की व्यापकता स्पष्ट हुई।
डीएमसीएच में शताब्दी वर्ष संगोष्ठी को संबोधित किया
कार्यक्रम के पश्चात सरकार्यवाह जी दत्तात्रेय होसबाले जी ने दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) में आयोजित आरएसएस शताब्दी वर्ष संगोष्ठी को भी संबोधित किया।
मिथिला परंपरा के अनुसार स्वागत
इससे पूर्व लगमा गांव स्थित जेएनवी आदर्श संस्कृत महाविद्यालय परिसर में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी का मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग पहनाकर स्वागत किया गया।
मंच पर उपस्थित विशिष्टजन
मंच पर अन्य विशिष्ट विद्वानों के साथ लगमा संस्थान के बाबा भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, अन्य प्राध्यापक एवं अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।

















