देश के प्रख्यात बाल एवं महिला अधिकार कार्यकर्ता, बीबीपुर के पूर्व सरपंच एवं सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के संस्थापक सुनील जागलान ने आज जींद से देशव्यापी “बाल आज़ादी” अभियान का शुभारंभ किया। यह राष्ट्रीय अभियान प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित जन्म, समुचित पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, खुशी, सम्मान और भयमुक्त बचपन का अधिकार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। अभियान देशभर में पंचायतों, विद्यालयों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और नागरिकों की साझेदारी से संचालित होगा।
बाल अधिकारों से विकसित भारत की ओर
पिछले 16 वर्षों में बाल एवं महिला अधिकारों पर निरंतर कार्य करते हुए, 10 हजार से अधिक गाँवों और 200 से अधिक शहरों की यात्राओं तथा लाखों बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और समुदायों से संवाद के बाद सुनील जागलान ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना तभी साकार होगा, जब प्रत्येक बच्चे को जीवन की शुरुआत से ही सुरक्षा, अवसर और सम्मान मिलेगा। उन्होंने वर्ष 2010 में देश की पहली बाल पंचायत की शुरुआत की थी। इसके बाद सेल्फी विद डॉटर, डॉटर्स नेमप्लेट, सनराइज सहित अनेक सामाजिक अभियानों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई सोच को जन्म दिया।
उन्होंने कहा कि “बाल आज़ादी” केवल बाल विवाह, तस्करी, हिंसा, यौन शोषण, साइबर बुलिंग और डिजिटल अपराधों से मुक्ति का अभियान नहीं है, बल्कि बच्चों को नेतृत्व, अभिव्यक्ति, भागीदारी और गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार दिलाने का राष्ट्रीय आंदोलन है। सुनील जागलान ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए एक राष्ट्रीय विशेषज्ञ समिति गठित की जाए, जो आइसलैंड, फिनलैंड, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, डेनमार्क और जापान जैसे देशों का अध्ययन करे। इन देशों में बच्चों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, खुशी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, पारिवारिक सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। विश्व स्तर पर हुए विभिन्न अध्ययनों में यह स्पष्ट हुआ है कि जहाँ सरकार, समाज और परिवार मिलकर बच्चों में निवेश करते हैं, वहीं सबसे सुरक्षित, खुशहाल और सक्षम नागरिक तैयार होते हैं।
बाल आज़ादी से विकसित भारत की नींव
अभियान के अंतर्गत बाल पंचायतों का विस्तार, सुरक्षित विद्यालय अभियान, डिजिटल सुरक्षा जागरूकता, युवा स्वयंसेवक नेटवर्क, जनसंवाद, शोध, प्रशिक्षण और नीति-सुझाव जैसे कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि बच्चों की आवाज़ निर्णय प्रक्रिया तक पहुँचे। सुनील जागलान ने कहा, “बाल आज़ादी भारत के भविष्य की आधारशिला है। जब तक हर बच्चे को सुरक्षित जन्म, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, खुशी और सम्मान का अधिकार व्यवहार में नहीं मिलेगा, तब तक विकसित भारत 2047 का सपना अधूरा रहेगा। अब समय आ गया है कि बच्चों को केवल संरक्षण नहीं, बल्कि आज़ादी, अवसर और नेतृत्व भी दिया जाए।” गौरतलब है कि सुनील जागलान ने पहले भी देश को बेटी बचाओ , सेल्फी विद डॉटर अन्तरराष्ट्रीय अभियान , डॉटर्स नेमप्लेट , गाली बंद घर , पीरियड चार्ट , मेनोपॉज क्लॉसेज फॉर मेन , डिजिटल पंचायत , महिला ग्राम सभा जैसे अनेकों अभियान दिए हैं ।

















